Last Updated on January 12, 2026 11:52 pm by INDIAN AWAAZ

इंद्र वशिष्ठ
राष्ट्रमंडल देशों की संसद के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों का 28 वां सम्मेलन (सीएसपीओसी ) 14 से 16 जनवरी तक भारत की संसद की मेजबानी में दिल्ली में होगा। इस सम्मेलन में पाकिस्तान और बांग्लादेश भाग नहीं लेंगे।
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों द्वारा निष्पक्षता और न्यायसंगतता को बनाए रखना, प्रोत्साहित करना और सुदृढ़ करना। संसदीय लोकतंत्र के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी को बढ़ावा देना और संसदीय संस्थाओं का विकास करना है।
सम्मेलन के विषय
राष्ट्रमंडल देशों की संसद के अध्यक्ष,पीठासीन अधिकारी और प्रतिनिधि सम्मेलन में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखने में अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसद में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग: नवाचार, निगरानी और अनुकूलन में संतुलन स्थापित करना, सोशल मीडिया और सांसदों पर इसका प्रभाव, संसद के प्रति जन सामान्य की समझ बढ़ाने और मतदान के बाद भी नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नवीन रणनीतियां, संसद सदस्यों और संसदीय कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
पाकिस्तान शामिल नहीं-
क्या इस सम्मेलन में पाकिस्तान और बांग्लादेश भी भाग लेंगे ?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसके जवाब में बताया कि पाकिस्तान की सम्मेलन में भागीदारी नहीं रहेगी। वहीं बांग्लादेश में संसद भंग होने की वजह से उसकी सहभागिता नहीं होगी।
14 जनवरी को सीएसपीओसी की स्थायी समिति की बैठक लाल किले के परिसर में आयोजित की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जनवरी 2026 को संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला इस सम्मेलन के अध्यक्ष हैं।
भारत की संसद अब तक तीन बार ( वर्ष 1971,1986, 2010) सीएसपीओसी की मेजबानी कर चुकी है।
28वेंसीएसपीओसी में प्रतिभागियों की संख्या
सीएसपीओसी देशों और स्वायत्त संसदों से भागीदारी की पुष्टि करने वाले अध्यक्षों/पीठासीन अधिकारियों की कुल संख्या 59 और लोक सभा अध्यक्ष और राज्य सभा के उपसभापति सहित 61 है
61 अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों में से जिन्होंने अभी तक सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है उनमें से 44 स्पीकर और 15 डिप्टी स्पीकर हैं ।
भारत सहित प्रतिनिधित्व करने वाले सीएसपीओसी देशों की कुल संख्या 41 है
ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रमंडल की 67 सदस्य संसदों में से इस बार के सम्मेलन में 61 पीठासीन अधिकारी भाग ले रहे हैं और इस बार सम्मेलन के इतिहास में सबसे ज्यादा भागीदारी होगी।
सीएसपीओसी का परिचय
राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (सीएसपीओसी) की शुरुआत वर्ष 1969 में कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स के तत्कालीन स्पीकर, माननीय लुसिएन लैमूरू की पहल पर हुई थी । सीएसपीओसी में राष्ट्रमंडल के 53 संप्रभु देशों की राष्ट्रीय संसदों के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हैं।
इससे पहले 27 वां सीएसपीओसी 4–6 जनवरी 2024 को कंपाला, युगांडा में आयोजित हुआ था।
सीएसपीओसी के अध्यक्ष
प्रत्येक सम्मेलन के समापन पर, अगला सम्मेलन जिस देश में आयोजित होना होता है, उस देश के अध्यक्ष/पीठासीन अधिकारी सीएसपीओसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष बनते हैं।
16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 28वें सीएसपीओसी के समापन पर लोक सभा अध्यक्ष यह दायित्व यूके हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर, राइट ऑनरेबल सर लिंडसे होयल को सौंपेंगे।
सीएसपीओसी के प्रतिभागी
सीएसपीओसी में राष्ट्रमंडल के 53 देशों की संसदों के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेते हैं। इनमें 23 द्विसदनीय संसद और 30 एकसदनीय संसद शामिल हैं अध्यक्षों/पीठासीन अधिकारियों की कुल संख्या 76 है।
