Last Updated on January 14, 2026 11:49 am by INDIAN AWAAZ
मौसमी फल-सब्ज़ियों को दें प्राथमिकता, दूध-घी और तेल का सेवन सोच-समझकर करें: डॉ. पंकज रंजन

नई दिल्ली
ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस (दिल्ली) की ओर से अमन चौक, मुस्तफाबाद, नई दिल्ली में 141वां निःशुल्क यूनानी मेडिकल कैंप आयोजित किया गया। कैंप का उद्घाटन स्थानीय पार्षद श्रीमती हज्जन सबीला बेगम ने किया। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ की जानी चाहिए तथा समाज सेवा की कोई सीमा नहीं होती। जनहित में आयोजित इस मेडिकल कैंप को उन्होंने एक सराहनीय पहल बताया और इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
कार्यक्रम के संयोजक हाजी खुशनूद और सह-संयोजक डॉ. नवाब ने कैंप को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज रंजन ने कहा कि आंखें शरीर का बेहद संवेदनशील अंग हैं, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के आंखों में किसी भी प्रकार की दवा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मधुमेह रोगियों को नियमित रूप से आंखों की जांच कराने की सलाह दी, क्योंकि डायबिटीज में दृष्टि हानि का खतरा अधिक होता है।
डॉ. रंजन ने यह भी चेतावनी दी कि दूध, घी, तेल और पनीर जैसी चीज़ों का सेवन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि बाजार में इनमें मिलावट की संभावना अधिक रहती है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्होंने मौसमी फल और सब्जियों के अधिक सेवन पर ज़ोर दिया।
इस अवसर पर ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के सेक्रेटरी जनरल डॉ. सैयद अहमद खान ने कहा कि निःशुल्क यूनानी मेडिकल कैंप का मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि यूनानी चिकित्सा पद्धति सदियों से आज़माई हुई प्राकृतिक उपचार प्रणाली है और इसके विकास व प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।
कैंप को सफल बनाने में हाजी मुहम्मद खुशनूद, डॉ. नवाब अली, डॉ. जकीउद्दीन, डॉ. शकील अहमद मेरठी, डॉ. महमूद आलम, डॉ. गयासुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. एहसान अहमद सिद्दीकी, डॉ. फैजान अहमद सिद्दीकी, डॉ. अब्दुल मजीद कासमी, डॉ. मुफ्ती जावेद अनवर, डॉ. मुहम्मद अरशद गयास, डॉ. शाहिद खान, डॉ. मंसूर जमाल काजमी, डॉ. फहीम मलिक, डॉ. शकील अहमद हापुड़ी, डॉ. नरगिस मलिक, डॉ. आसिफ मलिक, डॉ. जहीर यार खान, हकीम मुहम्मद मुर्तजा देहलवी, एडवोकेट शाह जाबीन काज़ी और मुहम्मद इमरान कन्नौजी सहित कई लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
