Last Updated on February 21, 2026 2:38 pm by INDIAN AWAAZ

Staff Reporter / Patna
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के नागरिकों के दैनिक जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 20 नवंबर 2025 को नई सरकार के गठन के बाद, ‘सात निश्चय-3’ (2025-30) के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) को धरातल पर उतारने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर सुरक्षित और सम्मानपूर्वक चलना पैदल यात्रियों का पहला अधिकार है। राज्य की बढ़ती आर्थिक प्रगति और वाहनों की संख्या में वृद्धि के बीच पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग को मिशन मोड में काम करने का आदेश दिया गया है।
प्रमुख घोषणाएं और बुनियादी ढांचे में सुधार
मुख्यमंत्री द्वारा परिवहन विभाग को दिए गए 5 सबसे महत्वपूर्ण निर्देश निम्नलिखित हैं:
| सुविधा | कार्य योजना |
| फुटपाथ निर्माण | शहरी क्षेत्रों और विशेषकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर फुटपाथ बनाना। |
| जेब्रा क्रॉसिंग | पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर वैज्ञानिक तरीके से जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण। |
| आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर | चिह्नित स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज (FOB), एस्केलेटर और अंडरपास का निर्माण। |
| चालक प्रशिक्षण | सभी सरकारी और निजी वाहन चालकों को पैदल यात्रियों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाने हेतु अनिवार्य प्रशिक्षण। |
| ब्लैक स्पॉट निगरानी | दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) में फुटपाथ निर्माण के साथ-साथ CCTV कैमरा लगाना ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। |
“सम्मान और सुरक्षा ही प्राथमिकता”
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार प्रगति के पथ पर है और लोगों की आय बढ़ रही है, जिससे सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ा है।
“सड़क पर सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक चलना पैदल चलने वाले लोगों का पहला अधिकार है। हमने परिवहन विभाग को इन सुविधाओं को जल्द से जल्द लागू करने का निर्देश दिया है ताकि आम नागरिकों का जीवन आसान हो सके।” – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
तकनीक और सुरक्षा का संगम
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें तकनीक (CCTV और एस्केलेटर) का समावेश किया गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में ‘ब्लैक स्पॉट’ का आकलन कर वहां सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जाएंगे, जिससे बिहार में सड़क दुर्घटनाओं की दर में भारी गिरावट आने की उम्मीद है।
7 निश्चय-3 के तहत शुरू की गई यह योजना न केवल यातायात व्यवस्था को सुधारेगी, बल्कि बिहार को एक आधुनिक और पैदल यात्री-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया है कि यह पहल राज्य के करोड़ों नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
