Last Updated on February 22, 2026 1:07 am by INDIAN AWAAZ

अंदलीब अख्तर / नई दिल्ली
कांग्रेस ने भारत सरकार से मांग की है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ को निरस्त किए जाने के फैसले के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को फिलहाल स्थगित कर दिया जाए। पार्टी का कहना है कि बदलती परिस्थितियों में इस समझौते की शर्तों की दोबारा समीक्षा जरूरी है।
शनिवार को यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव Jairam Ramesh ने कहा कि ‘फ्रेमवर्क ऑफ इंटरिम एग्रीमेंट’ में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि एक देश समझौते की शर्तों में बदलाव करता है, तो दूसरा देश भी अपने स्तर पर संशोधन कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद परिस्थितियां बदल गई हैं और भारत को भी अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए।
रमेश ने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 2 फरवरी को इस व्यापार समझौते की घोषणा इतनी जल्दबाजी में क्यों करवाई। उन्होंने कहा कि उस दिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्वयं इस समझौते की घोषणा करते हुए इसे अपने “प्रिय मित्र प्रधानमंत्री मोदी” के अनुरोध पर किया गया कदम बताया था।
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि 2 फरवरी की रात (भारतीय समयानुसार) समझौते की घोषणा करवाने के पीछे प्रधानमंत्री की घबराहट थी।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का उल्लेख करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अभी भी कायम है, जयराम रमेश ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को स्पष्ट और बिना किसी अस्पष्टता के यह बताना चाहिए कि मौजूदा परिस्थितियों में ‘फ्रेमवर्क ऑफ इंटरिम एग्रीमेंट’ को लागू नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस ने सरकार से आग्रह किया है कि वह राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए स्थिति की व्यापक समीक्षा करे और तब तक समझौते के क्रियान्वयन को रोके जब तक सभी कानूनी और आर्थिक पहलुओं पर स्पष्टता नहीं हो जाती।
