Last Updated on November 3, 2026 12:14 am by INDIAN AWAAZ

दिवाली पर पटाखों से आंखों को गंभीर नुकसान का खतरा, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। इसे सुरक्षित, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं, ताकि जश्न के दौरान किसी की आंखों की रोशनी खतरे में न पड़े।

Staff Reporter

दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और उत्साह का प्रतीक है। घरों में दीप जलाने, मिठाइयां बांटने और आतिशबाजी के बीच लोग परिवार और दोस्तों के साथ जश्न मनाते हैं। लेकिन इस उत्सव के दौरान पटाखों से होने वाले हादसों और आंखों की चोट के खतरे को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। पटाखों से निकलने वाली चिंगारी, गर्म राख, धूल और रासायनिक कण आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई मामलों में चोट इतनी गंभीर होती है कि व्यक्ति की रोशनी तक जा सकती है। खास बात यह है कि पटाखे जलाने वालों के साथ आसपास खड़े लोग भी इन हादसों का शिकार हो सकते हैं।

डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल के हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज डॉ. अमोद नायक ने कहा कि पटाखों से आंखों में होने वाली चोटें अक्सर शुरुआती तौर पर जितनी मामूली दिखाई देती हैं, वास्तव में उनसे कहीं अधिक गंभीर हो सकती हैं। बाहरी चोट छोटी होने के बावजूद आंख के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे आंखों की रोशनी को खतरा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इलाज में देरी या घर पर खुद उपचार करने की कोशिश से स्थिति और जटिल हो सकती है। पटाखे से आंख में चोट लगने पर उसे दबाने, रगड़ने या अंदर फंसे किसी कण को निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दिवाली मनाते समय आंखों की सुरक्षा को भी उतनी ही अहमियत दें जितनी त्योहार की खुशियों को देते हैं।

पटाखों से आंखों को किस तरह का नुकसान हो सकता है?

आंखें शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में से एक हैं। पटाखों से निकली छोटी-सी चिंगारी या कण भी आंखों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। दिवाली के दौरान आंखों में चोट लगने के कुछ सामान्य मामले इस प्रकार हैं:

  • कॉर्निया में खरोंच: पटाखों से निकली राख, धूल या छोटे कण आंख की पारदर्शी बाहरी परत कॉर्निया को खरोंच सकते हैं। इससे दर्द, लालिमा, पानी आना और रोशनी से परेशानी हो सकती है।
  • आंख के गोले का फटना: पटाखों के तेज धमाके से आंख पर इतना दबाव पड़ सकता है कि आंख का बाहरी आवरण फट जाए। यह बेहद गंभीर चोट है।
  • जलने की चोट: गर्म चिंगारी और आग की लपटों से पलकों, पलकों के बालों और आंख की सतह पर जलने की चोट लग सकती है।
  • कंजंक्टाइवा में जलन: गर्मी या रासायनिक पदार्थों के कारण आंख के सफेद हिस्से को ढकने वाली पतली झिल्ली प्रभावित हो सकती है।
  • बाहरी कणों का आंख में जाना: धूल, राख और पटाखों के छोटे टुकड़े आंख में प्रवेश कर जलन और अन्य नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • आंख के अंदर रक्तस्राव: विस्फोट के दबाव से आंख की नाजुक रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव हो सकता है।
  • रेटिना को नुकसान: तेज धमाके से आंख के पिछले हिस्से में मौजूद रेटिना प्रभावित हो सकता है। इससे धुंधला दिखाई देने या स्थायी रूप से दृष्टि जाने का खतरा रहता है।
  • रासायनिक चोट: पटाखों में मौजूद रासायनिक पदार्थ आंखों में पहुंचकर जलन या गंभीर क्षति पैदा कर सकते हैं।

दिवाली पर आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां

पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:

  1. पटाखे हमेशा खुले स्थान पर जलाएं और उचित सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें।
  2. पटाखा जलाते समय हाथ और चेहरे के बीच पर्याप्त दूरी रखें। आतिशबाजी देखने वालों को भी कम से कम पांच मीटर की दूरी बनाए रखनी चाहिए।
  3. पटाखे को चेहरे के पास न रखें और उसे जलाते समय उसके ऊपर झुकने से बचें।
  4. पटाखे जलाने से पहले कॉन्टैक्ट लेंस निकाल दें।
  5. पटाखे जलाते समय सिंथेटिक कपड़े न पहनें। सुरक्षित जूते पहनें।
  6. इस्तेमाल किए जा चुके पटाखों को फेंकने से पहले पानी से भरी बाल्टी में डालकर पूरी तरह निष्क्रिय करें।
  7. पटाखों को चेहरे, बालों और कपड़ों से दूर रखें।
  8. किसी भी आकस्मिक आग से निपटने के लिए पानी और रेत की बाल्टी पास रखें।
  9. पटाखों को बंद डिब्बे में सुरक्षित स्थान पर रखें और बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  10. अधजले या फटे बिना रह गए पटाखों को दोबारा जलाने की कोशिश न करें। उनके पास तुरंत न जाएं।
  11. पटाखे जलाने के बाद हाथ और चेहरा अच्छी तरह साफ करें।
  12. बच्चों को बड़ों की निगरानी के बिना पटाखे न जलाने दें।

आंख में चोट लगने पर क्या करें और क्या न करें?

पटाखों से आंख में चोट लगने पर बिना देर किए चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। कुछ सावधानियां आंखों को और अधिक नुकसान से बचाने में मदद कर सकती हैं।

  • यदि धुआं, धूल या राख के कारण आंखों में जलन हो रही है और किसी गंभीर चोट या आंख में कण धंसने का संदेह नहीं है, तो साफ पानी से आंखों को कम से कम 20 मिनट तक धोएं। जलन बनी रहने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
  • हाथ धोए बिना आंखों को न छुएं।
  • आंख में फंसे किसी कण या बाहरी वस्तु को खुद निकालने की कोशिश न करें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना आंखों में कोई दवा, आई ड्रॉप या मरहम न डालें।
  • यदि आंख में कोई नुकीली वस्तु घुसने या आंख के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचने का संदेह हो, तो आंख को न धोएं और न ही उस पर दबाव डालें। आंख को बिना दबाव दिए किसी सख्त सुरक्षा कवच से ढककर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

डॉक्टरों के अनुसार, आंख में चोट लगने के बाद दर्द, लालिमा, धुंधला दिखाई देना, रोशनी से परेशानी या लगातार पानी आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चोट मामूली दिखाई देने या देखने की क्षमता सामान्य रहने पर भी नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। इलाज में देरी से आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है।

डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने दिवाली के दौरान आंखों में चोट लगने की स्थिति में लोगों की सहायता के लिए आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रखने की जानकारी दी है। जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर 95949 04060 पर संपर्क किया जा सकता है।

संदेश साफ है—दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। इसे सुरक्षित, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं, ताकि जश्न के दौरान किसी की आंखों की रोशनी खतरे में न पड़े।