Last Updated on November 2, 2026 11:02 pm by INDIAN AWAAZ

हमारे बिजनेस संवाददाता से

घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांकों ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की और निवेशकों की मजबूत खरीदारी के दम पर नए उत्साह के साथ कारोबार समाप्त किया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स के बेहतर तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की वापसी तथा बॉन्ड यील्ड में नरमी ने बाजार की धारणा को मजबूत किया।

ऊर्जा, धातु और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली, जबकि वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के असर से आईटी और मीडिया शेयर दबाव में रहे। सकारात्मक घरेलू संकेतों के बीच निफ्टी 23,400 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद हुआ, जिससे बाजार में निकट अवधि के प्रति आशावाद और मजबूत हुआ है।

सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत उछाल

बीएसई सेंसेक्स 1,233.25 अंक या 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,692.78 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 387.70 अंक या 1.68 प्रतिशत चढ़कर 23,440.80 पर पहुंच गया।

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल 3.09 प्रतिशत और निफ्टी 3.27 प्रतिशत मजबूत हुआ है। यह तेजी दर्शाती है कि निवेशक हालिया वैश्विक अनिश्चितताओं को पीछे छोड़कर घरेलू अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट आय पर अधिक भरोसा जता रहे हैं।

सूचकांकों की बढ़त में रिलायंस इंडस्ट्रीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा। अकेले रिलायंस के शेयर में दो अंकों की तेजी ने बाजार में व्यापक खरीदारी को प्रेरित किया।

रिलायंस के नतीजों ने भरी नई ऊर्जा

दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रिलायंस इंडस्ट्रीज रही, जिसके शेयर 11.60 प्रतिशत उछल गए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।

रिलायंस का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 40.64 प्रतिशत बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 18,165 करोड़ रुपये था। कंपनी का सकल राजस्व 27.8 प्रतिशत बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

इन मजबूत नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और ऊर्जा, दूरसंचार तथा संबद्ध क्षेत्रों में खरीदारी को गति दी।

हालांकि जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर 0.74 प्रतिशत फिसला, लेकिन कंपनी के परिचालन आंकड़े बेहद मजबूत रहे। कंपनी का शुद्ध लाभ 13.69 प्रतिशत बढ़कर 8,389 करोड़ रुपये और राजस्व 11.33 प्रतिशत बढ़कर 47,485 करोड़ रुपये हो गया।

जियो का ग्राहक आधार सितंबर 2026 के अंत तक 54.24 करोड़ तक पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का औसत राजस्व प्रति ग्राहक (ARPU) बढ़कर 218.8 रुपये हो गया, जो दूरसंचार क्षेत्र में बेहतर आय क्षमता को दर्शाता है।

व्यापक बाजार में भी रही मजबूती

तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार सहभागिता देखने को मिली।

निफ्टी मिडकैप 150 सूचकांक 1.25 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 250 सूचकांक 1.35 प्रतिशत चढ़ा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा व्यापक स्तर पर मजबूत हुआ है।

एनएसई पर बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही। कुल 2,445 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,164 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 104 शेयर अपरिवर्तित रहे।

इससे स्पष्ट है कि तेजी कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि अधिकांश क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली।

तेल एवं गैस, धातु और उपभोक्ता शेयर चमके

क्षेत्रवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो तेल एवं गैस कंपनियां सबसे आगे रहीं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और मजबूत कॉर्पोरेट परिणामों ने निवेशकों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया।

धातु शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि ऊर्जा लागत में कमी से उत्पादन लागत घट सकती है और कंपनियों के मार्जिन सुधर सकते हैं।

उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयर भी तेजी में रहे, क्योंकि कम महंगाई और स्थिर ब्याज दरों से खपत बढ़ने की उम्मीद है।

इसके विपरीत मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली रही। वैश्विक तकनीकी शेयरों में कमजोरी का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दिखाई दिया।

कच्चे तेल में गिरावट ने दिया बड़ा सहारा

भारतीय बाजारों की तेजी के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही।

ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 4.42 प्रतिशत टूटकर 108.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए तेल की कीमतों में कमी एक सकारात्मक संकेत माना जाता है। इससे आयात बिल घट सकता है, मुद्रास्फीति पर दबाव कम हो सकता है और कंपनियों के लाभांश में सुधार की संभावना बढ़ती है।

बाजार सहभागियों को यह भी उम्मीद है कि यदि तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो भारतीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

बॉन्ड यील्ड में नरमी से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार से भी सकारात्मक संकेत मिले।

10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड घटकर 7.323 प्रतिशत रह गई, जबकि पिछले सत्र में यह 7.412 प्रतिशत थी। यील्ड में गिरावट को आमतौर पर मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं में कमी और वित्तीय परिस्थितियों में सुधार के संकेत के रूप में देखा जाता है। इससे इक्विटी बाजार को समर्थन मिलता है, क्योंकि निवेशक बेहतर प्रतिफल की तलाश में शेयरों की ओर रुख कर सकते हैं।

रुपये में सीमित कमजोरी

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। रुपया 94.81 प्रति डॉलर के स्तर पर रहा, जबकि पिछले सत्र में यह 94.765 पर बंद हुआ था।

हालांकि यह गिरावट सीमित रही और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में नरमी तथा स्थिर विदेशी निवेश प्रवाह रुपये को सहारा दे सकते हैं।

वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तस्वीर मिश्रित रही।

यूरोपीय बाजारों में तेजी रही, जहां निवेशकों ने घटती तेल कीमतों और क्षेत्रीय आर्थिक आंकड़ों का स्वागत किया। साथ ही, निवेशकों की नजर कॉर्पोरेट आय घोषणाओं पर बनी रही।

एशियाई बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा। वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े निवेशों की टिकाऊ क्षमता को लेकर बढ़ती चिंताओं ने टेक्नोलॉजी कंपनियों पर दबाव बनाया।

शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में आई तेज गिरावट का प्रभाव एशियाई बाजारों में भी महसूस किया गया।

अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी बिकवाली

वॉल स्ट्रीट शुक्रवार को भारी दबाव में बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.09 प्रतिशत, एसएंडपी 500 सूचकांक 1.82 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट 2.86 प्रतिशत टूट गया।

निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ रही है कि एआई आधारित विशाल निवेश योजनाओं से कंपनियों को अपेक्षित नकदी प्रवाह और लाभ मिल पाएगा या नहीं।

इंटेल के कमजोर आउटलुक ने टेक्नोलॉजी क्षेत्र में बिकवाली को और तेज कर दिया। कंपनी के शेयर लगभग 29 प्रतिशत टूट गए। इसके बाद एनवीडिया, एएमडी और अन्य सेमीकंडक्टर कंपनियों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।

अमेजन के नतीजों ने बढ़ाई चिंताएं

अमेजन ने राजस्व और परिचालन लाभ में मजबूत वृद्धि दर्ज की, लेकिन एआई एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश के कारण फ्री कैश फ्लो में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक निवेशक अब केवल राजस्व वृद्धि नहीं, बल्कि एआई निवेश पर वास्तविक प्रतिफल को भी महत्व देने लगे हैं।

कमाई के दम पर चमके कई शेयर

सोमवार के कारोबार में कई कंपनियों के शेयर मजबूत तिमाही नतीजों के कारण चर्चा में रहे।

मुथूट फाइनेंस के शेयर 4.41 प्रतिशत चढ़े, क्योंकि कंपनी का समेकित लाभ लगभग 36 प्रतिशत बढ़ा।

मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया 10.36 प्रतिशत उछला, जबकि इंजीनियर्स इंडिया 15.01 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ बंद हुआ।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में 3.41 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, क्योंकि कंपनी का तिमाही लाभ 173 प्रतिशत से अधिक बढ़ा।

रक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी जेन टेक्नोलॉजीज के शेयर भी मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद 8.32 प्रतिशत चढ़ गए।

दूसरी ओर, इंडिगो पेंट्स के शेयर 12.76 प्रतिशत टूट गए। कंपनी के मुनाफे पर कच्चे माल की बढ़ती लागत का दबाव दिखाई दिया।

पीसी ज्वेलर में 3.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि सेबी ने कंपनी के कुछ अनुपालन संबंधी मामलों पर प्रशासनिक चेतावनी जारी की।

नई लिस्टिंग और आईपीओ बाजार में उत्साह

ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स के शेयर बीएसई पर 1,727.05 रुपये पर बंद हुए, जो निर्गम मूल्य की तुलना में 3.73 प्रतिशत का प्रीमियम दर्शाते हैं।

प्राथमिक बाजार में भी निवेशकों का उत्साह बरकरार रहा। बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स के आईपीओ को बाजार बंद होने तक 59.59 गुना अभिदान प्राप्त हुआ, जो निवेशकों की मजबूत मांग का संकेत है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू बाजारों की दिशा आने वाले दिनों में कॉर्पोरेट आय, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश प्रवाह और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से प्रभावित होगी। यदि तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और कंपनियों के वित्तीय परिणाम मजबूत बने रहते हैं, तो बाजार में तेजी का मौजूदा रुझान आगे भी जारी रह सकता है।


अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट शेयर बाजार, कॉर्पोरेट घोषणाओं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है तथा निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए। यह लेख केवल समाचार एवं सूचना उद्देश्य के लिए है और इसे निवेश सलाह, खरीद या बिक्री की सिफारिश के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

प्रमुख बाजार आंकड़े

संकेतकआंकड़ा
सेंसेक्स बंद75,692.78 (+1,233.25 अंक, +1.66%)
निफ्टी 50 बंद23,440.80 (+387.70 अंक, +1.68%)
3 दिनों में सेंसेक्स बढ़त+3.09%
3 दिनों में निफ्टी बढ़त+3.27%
निफ्टी मिडकैप 150+1.25%
निफ्टी स्मॉलकैप 250+1.35%
एनएसई एडवांस-डिक्लाइन2,445 बढ़े / 1,164 गिरे / 104 अपरिवर्तित
ब्रेंट क्रूड$108.42 प्रति बैरल (-4.42%)
भारत 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड7.323% (पिछला: 7.412%)
रुपया बनाम डॉलर₹94.81 प्रति डॉलर
एमसीएक्स गोल्ड (4 दिसंबर 2026)₹1,38,085 (-0.29%)
यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY)101.68 (-0.20%)
अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड4.918%

निफ्टी को सबसे अधिक सहारा देने वाले शेयर

कंपनीबदलाव
रिलायंस इंडस्ट्रीज+11.60%
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया+2.61%
एचडीएफसी बैंक+1.04%

प्रमुख कॉरपोरेट परिणाम

कंपनीप्रमुख वित्तीय प्रदर्शन
रिलायंस इंडस्ट्रीजशुद्ध लाभ ₹25,548 करोड़ (+40.64%)
जियो प्लेटफॉर्म्सशुद्ध लाभ ₹8,389 करोड़ (+13.69%)
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशनशुद्ध लाभ ₹21,630 करोड़ (+173.84%)
मुथूट फाइनेंसPAT ₹3,278 करोड़ (+35.9%)
मदरसन सुमी वायरिंगशुद्ध लाभ ₹223.37 करोड़ (+35.1%)
इंजीनियर्स इंडियाशुद्ध लाभ ₹196.68 करोड़ (+135.57%)
जेन टेक्नोलॉजीजशुद्ध लाभ ₹89.54 करोड़ (+50.74%)
इंडिगो पेंट्सशुद्ध लाभ ₹13.32 करोड़ (-46.97%)

सबसे बड़े बढ़ने वाले शेयर

शेयरबढ़त
इंजीनियर्स इंडिया+15.01%
रिलायंस इंडस्ट्रीज+11.60%
मदरसन सुमी वायरिंग+10.36%
जेन टेक्नोलॉजीज+8.32%
मुथूट फाइनेंस+4.41%
इंडियन ऑयल+3.41%

सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर

शेयरगिरावट
इंडिगो पेंट्स-12.76%
पीसी ज्वेलर-3.62%
जियो प्लेटफॉर्म्स-0.74%

आईपीओ एवं लिस्टिंग अपडेट

विवरणआंकड़ा
EAAA India Alternatives लिस्टिंग प्राइस₹1,673
बीएसई पर बंद भाव₹1,727.05
लिस्टिंग प्रीमियम3.73%
Bombay Coated & Special Steels IPO59.59 गुना सब्सक्राइब
आईपीओ प्राइस बैंड₹78-82 प्रति शेयर
न्यूनतम आवेदन182 शेयर

दिन की बड़ी खबर (एक नजर में)

✅ निफ्टी 23,400 के ऊपर बंद
✅ सेंसेक्स 1,233 अंक चढ़ा
✅ रिलायंस के मजबूत नतीजों से बाजार में उत्साह
✅ कच्चा तेल 4% से अधिक टूटा
✅ बॉन्ड यील्ड में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
✅ IPO बाजार में जोरदार मांग बरकरार रही
✅ वैश्विक टेक शेयर दबाव में, लेकिन भारतीय बाजार मजबूत रहा।