Last Updated on October 31, 2026 9:01 pm by INDIAN AWAAZ

अंदलीब अख्तर / नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने विरोध को तेज करते हुए विपक्षी INDIA गठबंधन ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित मॉक संसद में उनके विरुद्ध ‘जन महाभियोग’ की प्रतीकात्मक कार्यवाही की और उन्हें पद से हटाने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का वह पूरी तरह समर्थन करते हैं और उनके विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सरकारी आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, जिसे उपस्थित नेताओं ने हाथ उठाकर पारित किया। इस आयोजन में विपक्षी दलों के सांसदों, नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
राहुल गांधी ने कहा, “मैं ज्ञानेश कुमार के महाभियोग प्रस्ताव का पूरी तरह समर्थन करता हूं। उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए और न्याय होना चाहिए।” उन्होंने इस आयोजन को उन लोगों के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार बताया, जिन पर विपक्ष देश की चुनावी व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगा रहा है।
उन्होंने कहा कि करीब 250 विपक्षी सांसदों को मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए खरगे के आवास के बगीचे में बैठना पड़ रहा है, क्योंकि उनके लिए संसद और अन्य संस्थागत मंचों के रास्ते बंद हैं। राहुल ने कहा, “यह असाधारण स्थिति है कि पूरा विपक्ष CEC के महाभियोग पर चर्चा करने के लिए बगीचे में बैठा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए संघर्ष किया जाएगा।
खरगे ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की इस पहल का उद्देश्य किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत दुश्मनी निकालना नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्था की गरिमा की रक्षा करना है। खरगे के अनुसार, आयोग को संविधान की भावना के अनुरूप काम करना चाहिए, ताकि आम लोगों का चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा बना रहे।

खरगे ने दावा किया कि सात महीने पहले 193 विपक्षी सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस दिए थे, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों से कथित तौर पर 13.2 करोड़ नाम हटाए जाने सहित छह आरोप लगाए। उनका कहना था कि कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के मतदान के अधिकार को किसी कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया के जरिए उनकी जानकारी के बिना प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि लोकतंत्र का आधार मतदाता का अधिकार है। यदि किसी एक मतदाता को भी वोट डालने से रोका जाता है, तो इससे लोकतंत्र की बुनियाद प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर आगे भी बैठक करेगा और राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव लाने की दिशा में कदम उठाएगा।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नोटिस स्वीकार नहीं किए जाने के कारण मॉक संसद आयोजित करने की नौबत आई। उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर संसद में नोटिसों पर विचार सुनिश्चित कराने की अपील की।
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और निर्वाचन आयोग में सुधार होने तक यह अभियान जारी रहेगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा ने कहा कि रविवार को रामलीला मैदान में होने वाली रैली के जरिए प्रधानमंत्री को संदेश दिया जाएगा कि देश को इस तरह नहीं चलाया जा सकता।
विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), पात्र मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को अपने विरोध का प्रमुख आधार बनाया है। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं और आयोग की ओर से इन पर अलग से प्रतिक्रिया को भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि यह ‘जन महाभियोग’ संसद की औपचारिक संवैधानिक कार्यवाही नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित प्रतीकात्मक मॉक संसद थी। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया संसद के निर्धारित प्रावधानों के तहत ही पूरी की जा सकती है। INDIA गठबंधन ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित करने की भी घोषणा की है।
