Last Updated on October 29, 2026 9:56 pm by INDIAN AWAAZ

बिजनेस संवाददाता

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी लौटी और प्रमुख सूचकांकों ने पिछले दो कारोबारी सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), बैंकिंग और अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले और बुधवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की खरीदारी से भी बाजार की धारणा को समर्थन मिला। निफ्टी 50 दोबारा 22,900 के स्तर के ऊपर बंद हुआ, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।

बीएसई का सेंसेक्स 905.01 अंक यानी 1.24 प्रतिशत चढ़कर 74,151.04 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 237.90 अंक यानी 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,936.75 पर पहुंच गया। इससे पिछले लगातार दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में 0.49 प्रतिशत और निफ्टी में 0.24 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

बाजार की तेजी में चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों का अहम योगदान रहा। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन का शेयर 6.29 प्रतिशत चढ़ा, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक में 4.32 प्रतिशत और इटरनल में 3.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी और अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने बाजार को सहारा दिया।

व्यापक बाजार में भी तेजी रही। बीएसई मिडकैप 150 सूचकांक 0.60 प्रतिशत और स्मॉलकैप 250 सूचकांक 0.69 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। हालांकि, इन दोनों सूचकांकों की बढ़त सेंसेक्स के मुकाबले सीमित रही।

बाजार में तेजी का दायरा भी मजबूत रहा। बीएसई पर कुल 2,654 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,716 शेयरों में गिरावट आई। 225 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इससे संकेत मिला कि तेजी केवल चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार के कई हिस्सों में खरीदारी हुई।

एनएसई का इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 6.43 प्रतिशत गिरकर 15.20 पर आ गया। यह सूचकांक निकट भविष्य में बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर निवेशकों की अपेक्षाओं का संकेत देता है। इसमें गिरावट आम तौर पर बाजार में जोखिम को लेकर तत्काल चिंता कम होने का संकेत मानी जाती है, हालांकि इससे भविष्य में स्थिरता की गारंटी नहीं मिलती।

अमेरिकी फेड के फैसले पर निवेशकों की नजर

वैश्विक बाजारों के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला महत्वपूर्ण रहा। फेड ने 10-2 के मत से अपनी प्रमुख ब्याज दर की लक्ष्य सीमा 3.75 से 4 प्रतिशत पर बरकरार रखी। केंद्रीय बैंक ने आर्थिक गतिविधियों के अपने आकलन में सुधार किया, लेकिन महंगाई को अब भी ऊंचा बताया।

दो अधिकारियों ने इस फैसले से असहमति जताई और ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का समर्थन किया। इससे स्पष्ट हुआ कि महंगाई पर काबू पाने के लिए मौद्रिक नीति की दिशा को लेकर फेड के भीतर मतभेद बने हुए हैं।

फैसले के बाद दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की बाजार की अनुमानित संभावना 85 प्रतिशत हो गई, जो एक दिन पहले 78.3 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा सीएमई फेडवॉच के बाजार-आधारित अनुमानों के हवाले से दिया गया है।

ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का असर उभरते बाजारों पर भी पड़ सकता है। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें लंबे समय तक बनी रहने से डॉलर मजबूत हो सकता है और विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी परिसंपत्तियां अपेक्षाकृत आकर्षक बन सकती हैं। इससे भारत जैसे बाजारों में विदेशी पूंजी के प्रवाह और शेयरों के मूल्यांकन पर असर पड़ सकता है।

घरेलू बाजार को बुधवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की खरीदारी से भी सहारा मिला। हालांकि, एक दिन की खरीदारी को विदेशी निवेश के रुझान में स्थायी बदलाव का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।

अमेरिकी बाजारों में बढ़त, प्रौद्योगिकी शेयर चर्चा में

अमेरिका के प्रमुख शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 97.53 अंक यानी 0.19 प्रतिशत बढ़कर 52,475.10 पर पहुंच गया। एसएंडपी 500 सूचकांक 21.37 अंक यानी 0.28 प्रतिशत चढ़कर 7,743.97 पर और नैस्डैक कंपोजिट 72.04 अंक यानी 0.27 प्रतिशत बढ़कर 26,549.85 पर बंद हुआ।

प्रौद्योगिकी कंपनियों के तिमाही नतीजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी भारी पूंजीगत लागत पर निवेशकों की नजर बनी रही। माइक्रोसॉफ्ट के शेयर कारोबार के बाद के सत्र में 4 प्रतिशत से अधिक चढ़ गए। कंपनी ने क्लाउड कारोबार से उम्मीद से बेहतर राजस्व दर्ज किया। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसके एज्योर क्लाउड कारोबार की वृद्धि दर 48 प्रतिशत रही, जो कंपनी के पिछले अनुमान से बेहतर बताई गई।

इसके विपरीत, अल्फाबेट के शेयर कारोबार के बाद के सत्र में 7 प्रतिशत से अधिक गिर गए। कंपनी का तीसरी तिमाही का राजस्व सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 127.58 अरब डॉलर रहा, जबकि विश्लेषकों का अनुमान 127.97 अरब डॉलर था। शुद्ध लाभ एक साल पहले के 34.98 अरब डॉलर से घटकर 26.17 अरब डॉलर रह गया। प्रति शेयर आय 2.12 डॉलर रही, जबकि बाजार का अनुमान लगभग 3.01 डॉलर था। निवेश से जुड़े 8.7 अरब डॉलर के नुकसान ने भी घोषित लाभ को प्रभावित किया।

हालांकि, गूगल क्लाउड का प्रदर्शन मजबूत रहा। इसका राजस्व 103 प्रतिशत बढ़कर 30.7 अरब डॉलर पहुंच गया। एआई ढांचे और उद्यम सेवाओं की मांग से इस कारोबार को समर्थन मिला। इसके बावजूद निवेशकों की चिंता इस बात पर बनी रही कि एआई और डेटा सेंटर पर किए जा रहे भारी खर्च से कंपनियों को कितना प्रतिफल मिलेगा।

यूरोपीय बाजारों में गुरुवार को बढ़त रही। निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों और अमेरिकी फेड के फैसले का आकलन कर रहे थे तथा यूरोपीय केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति संबंधी घोषणा का इंतजार कर रहे थे। इसके विपरीत, एशिया के अधिकांश प्रमुख बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। प्रौद्योगिकी कंपनियों के मूल्यांकन, अमेरिकी कंपनियों के नतीजों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

कच्चा तेल, रुपये और बॉन्ड यील्ड पर नजर

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई, लेकिन इसका स्तर ऊंचा बना रहा। दिसंबर 2026 डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड वायदा 1.38 डॉलर यानी 1.24 प्रतिशत गिरकर 110.26 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की उत्पादन लागत पर दबाव डाल सकती हैं। इससे रुपये और शेयर बाजार पर भी असर पड़ सकता है।

भारत के 10 वर्षीय बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड की यील्ड पिछले कारोबारी सत्र के 7.440 प्रतिशत से घटकर 7.399 प्रतिशत रह गई। बॉन्ड यील्ड में गिरावट से कंपनियों की वित्तपोषण लागत और शेयरों के मूल्यांकन को कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि इसका प्रभाव आर्थिक परिस्थितियों और क्षेत्र विशेष पर निर्भर करता है।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया मामूली मजबूत हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया 95.2700 पर कारोबार कर रहा था, जबकि पिछले सत्र में इसका बंद भाव 95.2800 था। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति बताने वाला डॉलर इंडेक्स 0.02 प्रतिशत बढ़कर 102.21 पर पहुंच गया। अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 1.03 प्रतिशत घटकर 4.999 प्रतिशत बताई गई।

वायदा बाजार में 4 दिसंबर 2026 की डिलीवरी वाला एमसीएक्स सोना 0.32 प्रतिशत गिरकर 1,43,243 रुपये पर आ गया।

कंपनियों के नतीजों और ऑर्डर से शेयरों में हलचल

कंपनियों के तिमाही नतीजों और नए ऑर्डर के कारण कई शेयरों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

हीरो मोटोकॉर्प का शेयर 4.09 प्रतिशत गिर गया, जबकि कंपनी ने लाभ और बिक्री में अच्छी सालाना वृद्धि दर्ज की। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उसका समायोजित शुद्ध लाभ 42.21 प्रतिशत बढ़कर 1,861.33 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,308.89 करोड़ रुपये था। शुद्ध बिक्री 22.52 प्रतिशत बढ़कर 14,970.50 करोड़ रुपये हो गई। पिछली तिमाही के 1,412.36 करोड़ रुपये के समायोजित लाभ के मुकाबले भी इसमें वृद्धि हुई।

एशियन पेंट्स का शेयर 0.76 प्रतिशत बढ़ा। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 7.45 प्रतिशत बढ़कर 1,067.6 करोड़ रुपये रहा। परिचालन से राजस्व 16.92 प्रतिशत बढ़कर 9,953.89 करोड़ रुपये पहुंच गया।

यूनाइटेड स्पिरिट्स में 5.06 प्रतिशत की तेजी आई। हालांकि, कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 7.76 प्रतिशत घटकर 428 करोड़ रुपये रह गया, जबकि शुद्ध बिक्री 2.87 प्रतिशत बढ़कर 3,264 करोड़ रुपये हो गई।

जुपिटर वैगन्स का शेयर 6.66 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी को रेल मंत्रालय से कर सहित 1,140 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। इसके तहत 2,583 बॉक्सएनएचएल और बॉक्सएनएस मालवाहक वैगनों का निर्माण और आपूर्ति की जानी है। इन वैगनों का इस्तेमाल कोयला और लौह अयस्क जैसी थोक वस्तुओं की ढुलाई में होता है।

बिरलासॉफ्ट का शेयर 11.89 प्रतिशत उछला। कंपनी का समेकित कर-पश्चात लाभ सालाना आधार पर 37.5 प्रतिशत बढ़कर 159.6 करोड़ रुपये रहा। परिचालन से राजस्व 6.6 प्रतिशत बढ़कर 1,416.2 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, पिछली तिमाही के 161 करोड़ रुपये के मुकाबले लाभ में 0.8 प्रतिशत की गिरावट रही।

सिम्फनी का शेयर 1.70 प्रतिशत बढ़ा। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 41.18 प्रतिशत बढ़कर 24 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्व 30.95 प्रतिशत बढ़कर 275 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले लाभ में 40 प्रतिशत और राजस्व में 27.25 प्रतिशत की गिरावट आई।

पिडिलाइट इंडस्ट्रीज का शेयर 2.33 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी का एकल शुद्ध लाभ 10.4 प्रतिशत बढ़कर 647 करोड़ रुपये रहा और शुद्ध बिक्री 21.7 प्रतिशत बढ़कर 3,982 करोड़ रुपये पहुंच गई। अंतर्निहित बिक्री मात्रा में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ (ईबीआईटीडीए) केवल 0.5 प्रतिशत बढ़कर 811 करोड़ रुपये रहा। ईबीआईटीडीए मार्जिन एक साल पहले के 24.7 प्रतिशत से घटकर 20.4 प्रतिशत रह गया।

वी-गार्ड इंडस्ट्रीज का शेयर 7.90 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 71.04 प्रतिशत बढ़कर 111.67 करोड़ रुपये रहा। परिचालन से राजस्व 38.18 प्रतिशत बढ़कर 1,852.89 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध लाभ में 14.26 प्रतिशत की गिरावट रही।

आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी?

गुरुवार की तेजी ने पिछले दो सत्रों की गिरावट के बाद बाजार को राहत दी। प्रमुख कंपनियों में खरीदारी, सकारात्मक बाजार विस्तार और इंडिया वीआईएक्स में गिरावट ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। हालांकि, तेजी कितनी टिकाऊ होगी, यह आने वाले दिनों में कंपनियों के नतीजों, विदेशी निवेश के प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर निर्भर करेगा।

निवेशक अमेरिका के तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), सितंबर के व्यक्तिगत आय एवं खर्च के आंकड़ों, व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मूल्य सूचकांक और शुरुआती बेरोजगारी दावों के आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे। पीसीई सूचकांक अमेरिकी फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई मापक है, इसलिए इसके आंकड़े ब्याज दरों की भावी दिशा के संकेत दे सकते हैं।

फिलहाल बाजार में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता आगे भी उतार-चढ़ाव का कारण बन सकती हैं।

अस्वीकरण: यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। इसे किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

BLS पॉलिमर्स के आईपीओ को 240 गुना अभिदान, एसएफसी एनवायरनमेंटल को 9.25 गुना बोलियां

बिजनेस संवाददाता

प्राथमिक बाजार में गुरुवार को निवेशकों की भागीदारी अलग-अलग स्तर पर देखने को मिली। बीएलएस पॉलिमर्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को जबरदस्त मांग मिली और यह लगभग 240 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज और बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स के आईपीओ को भी बिक्री के लिए रखे गए शेयरों से अधिक बोलियां मिलीं। एम. के. सन्स फाइन ज्वेल्स का निर्गम भी निर्धारित समय तक पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।

शेयर बाजारों के आंकड़ों के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को शाम 4:36 बजे तक उपलब्ध जानकारी में बीएलएस पॉलिमर्स सबसे अधिक अभिदान पाने वाला निर्गम रहा।

बीएलएस पॉलिमर्स आईपीओ को 239.60 गुना अभिदान

बीएलएस पॉलिमर्स के आईपीओ को 1.19 करोड़ शेयरों के प्रस्तावित निर्गम के मुकाबले 285.12 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इस तरह निर्गम 239.60 गुना सब्सक्राइब हुआ।

यह आईपीओ 27 अक्टूबर को खुला था और 29 अक्टूबर को बंद हुआ। कंपनी ने प्रति शेयर 142 से 150 रुपये का मूल्य दायरा तय किया था। निवेशक न्यूनतम 100 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते थे और इसके बाद 100 शेयरों के गुणक में बोली लगा सकते थे।

एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज को 9.25 गुना अभिदान

एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज के आईपीओ को 1.42 करोड़ शेयरों के मुकाबले लगभग 13.10 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इसके साथ निर्गम 9.25 गुना सब्सक्राइब हुआ।

यह निर्गम भी 27 अक्टूबर को खुला और 29 अक्टूबर को बंद हुआ। कंपनी ने प्रति शेयर 313 से 330 रुपये का मूल्य दायरा निर्धारित किया था। निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 45 शेयरों का था और इसके बाद इसी संख्या के गुणक में आवेदन किया जा सकता था।

बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स को 2.65 गुना बोलियां

बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स के आईपीओ को 1.65 करोड़ शेयरों के मुकाबले लगभग 4.37 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। 29 अक्टूबर को शाम 4:36 बजे तक निर्गम 2.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

यह आईपीओ 29 अक्टूबर को खुला और 2 नवंबर को बंद होना निर्धारित है। कंपनी ने मूल्य दायरा 78 से 82 रुपये प्रति शेयर रखा है। निवेशक न्यूनतम 182 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं और इसके बाद 182 शेयरों के गुणक में बोली लगा सकते हैं।

एम. के. सन्स फाइन ज्वेल्स का आईपीओ 1.15 गुना सब्सक्राइब

एम. के. सन्स फाइन ज्वेल्स के आईपीओ को 1.19 करोड़ शेयरों के मुकाबले लगभग 1.37 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इसके साथ निर्गम 1.15 गुना सब्सक्राइब हो गया।

यह आईपीओ 28 अक्टूबर को खुला था और 30 अक्टूबर को बंद होना निर्धारित है। कंपनी ने प्रति शेयर 153 से 162 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 91 शेयरों का है और इसके बाद इसी संख्या के गुणक में आवेदन किया जा सकता है।

चारों आईपीओ के सब्सक्रिप्शन आंकड़े 29 अक्टूबर 2026 को शाम 4:36 बजे तक उपलब्ध शेयर बाजार के आंकड़ों पर आधारित हैं। जिन निर्गमों की बोली अवधि जारी है, उनके अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।

अस्वीकरण: आईपीओ को मिले अभिदान से निवेशकों की मांग का संकेत मिलता है, लेकिन इससे लिस्टिंग पर लाभ या भविष्य में बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती। निवेशकों को आवेदन से पहले कंपनी के प्रस्ताव दस्तावेजों, वित्तीय स्थिति और जोखिमों का अध्ययन करना चाहिए।