Last Updated on February 13, 2026 6:02 pm by INDIAN AWAAZ

ढाका से जाकिर हुसैन की रिपोर्ट

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी करने जा रही है। इस शानदार जीत के साथ ही पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान के देश के अगले प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

चुनाव परिणाम एक नज़र में

श्रेणीविवरण
कुल सीटें299 (297 के परिणाम घोषित)
बहुमत का आंकड़ा150
BNP + गठबंधन212 सीटें (अकेले BNP: 209)
जमात-ए-इस्लामी गठबंधन77 सीटें (जमात: 68)
नेशनल सिटीजन पार्टी06 सीटें (पहली बार प्रवेश)
निर्दलीय व अन्य10 सीटें

17 वर्षों के लंबे निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे तारिक रहमान ने अपना पहला राष्ट्रीय चुनाव लड़ा और दो निर्वाचन क्षेत्रों—ढाका-17 और बोगरा-6 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ढाका-17 सीट पर उन्होंने 72,699 मत प्राप्त कर जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार एसएम खालिदुज्जमान को 4,399 मतों के अंतर से शिकस्त दी। बोगरा-6 में उनकी जीत का अंतर और भी बड़ा रहा, जहाँ उन्हें 2,16,284 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को मात्र 97,626 वोट प्राप्त हुए। मतदान के बाद रहमान ने कहा था कि बांग्लादेश की जनता एक दशक से अधिक समय से इस पल का इंतजार कर रही थी।

निर्वाचन आयोग के सचिव अख्तर अहमद ने ढाका स्थित सचिवालय में परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि चटोग्राम-2 और चटोग्राम-4 निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम फिलहाल लंबित अदालती मामलों के कारण रोक दिए गए हैं, जिनकी घोषणा बाद में की जाएगी। एक अन्य सीट को पहले ही स्थगित रखा गया था।

विपक्ष की स्थिति पर नज़र डालें तो जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन ने 77 सीटें जीती हैं, जिसमें जमात ने 68 सीटों पर जीत दर्ज की। नवनिर्मित ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ ने जुलाई के जन-विद्रोह के बाद पहली बार संसद में कदम रखते हुए 6 सीटें हासिल कीं। इनके अलावा, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश, बांग्लादेश खिलाफत मजलिस और गण अधिकार परिषद जैसे छोटे दलों के खाते में एक-एक सीट आई, जबकि सात सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।

आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार कुल 60.26 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के साथ-साथ आयोजित जनमत संग्रह में 4.8 करोड़ से अधिक लोगों ने ‘हाँ’ के पक्ष में मतदान किया, जबकि 2.2 करोड़ से अधिक वोट ‘नहीं’ के पक्ष में पड़े। कुल 50 राजनीतिक दलों के 2,028 उम्मीदवार इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा थे।

उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग ने इस चुनाव में भाग नहीं लिया। अंतरिम सरकार के निर्णय के बाद पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है, जिसके कारण दशकों बाद पहली बार अवामी लीग के बिना राष्ट्रीय चुनाव संपन्न हुए। बीएनपी की इस जीत ने बांग्लादेश की राजनीति में खालिदा जिया और शेख हसीना के लगभग 35 वर्षों के महिला नेतृत्व के युग का भी अंत कर दिया है।

इस ऐतिहासिक जीत पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम जनता के भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने एक लोकतांत्रिक और प्रगतिशील बांग्लादेश के लिए भारत के सहयोग का आश्वासन दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ, राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और चीन व अमेरिका के दूतावासों ने भी बीएनपी की सफलता को “ऐतिहासिक” करार देते हुए अपनी शुभकामनाएँ भेजी हैं।

जीत की पुष्टि होने के बाद, तारिक रहमान ने पार्टी कार्यकर्ताओं से किसी भी प्रकार का विजय जुलूस या रैली न निकालने की अपील की है। इसके स्थान पर देश भर में शुक्रवार की नमाज के बाद विशेष दुआ का आयोजन करने का निर्देश दिया गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम गजट अधिसूचना जारी किए जाने के बाद नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया आरंभ होगी।