Last Updated on July 22, 2025 10:24 pm by INDIAN AWAAZ

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22 जुलाई को भारतीय शेयर बाजारों ने उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद सपाट समापन किया। निवेशकों की नजर जून तिमाही (Q1FY26) के नतीजों पर रही, जिससे बाजार में स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियां हावी रहीं। शुरुआती मजबूती के बावजूद, दोनों प्रमुख सूचकांकों ने दिन के अंत में अपनी बढ़त गंवा दी क्योंकि निवेशक मिले-जुले कॉर्पोरेट नतीजों को पचा रहे थे और आगे के आर्थिक संकेतों का इंतज़ार कर रहे थे।

कारोबार के अंत में, बीएसई सेंसेक्स 13.53 अंकों या 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 82,186.81 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 29.8 अंकों या 0.12% की गिरावट के साथ 25,060.90 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव दिखा, जहां निफ्टी मिडकैप 100 0.61% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.34% टूटा।

कंपनी नतीजों का असर दिखा स्टॉक-विशेष हरकतों में

Q1 के नतीजों को लेकर बाजार में स्टॉक-विशेष प्रतिक्रियाएं दिखीं। कुछ कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, तो कुछ के नतीजे कमजोर रहे।

निफ्टी के टॉप गेनर्स में जोमैटो, एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को, टाइटन और बीईएल जैसे शेयर शामिल रहे, जिन्होंने मजबूत प्रदर्शन या सकारात्मक मार्गदर्शन के चलते बढ़त दर्ज की। वहीं, श्रिराम फाइनेंस, आइशर मोटर्स, जियो फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स और बजाज ऑटो जैसी कंपनियां नुकसान में रहीं।

सेक्टोरल प्रदर्शन रहा कमजोर

अधिकांश सेक्टर्स में कमजोरी देखने को मिली:

  • निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा 2.2% टूटा।
  • पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.57% की गिरावट रही।
  • फार्मा और रियल्टी इंडेक्स भी लगभग 1% गिरे।
    वहीं, एफएमसीजी और कुछ ऑटो शेयरों में थोड़ी मजबूती रही, जिसे ग्रामीण मांग में सुधार और आगामी त्योहारों के सीजन से जोड़कर देखा जा रहा है।

वैश्विक और घरेलू कारकों का मिला-जुला असर

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के चलते निवेशक सतर्क रहे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आगामी बैठकें बाजार की दिशा तय करेंगी। देश के अंदर मानसून की प्रगति, कच्चे तेल की कीमतें और जुलाई माह की F&O एक्सपायरी भी बाजार पर असर डाल सकते हैं।

एफआईआई निवेश प्रवाह में अनिश्चितता दिखा रहे हैं, जबकि डीआईआई बाजार को समर्थन देते नजर आए।

वोलैटिलिटी में गिरावट

इंडिया VIX, जो बाजार की निकट भविष्य की अस्थिरता को दर्शाता है, 4.04% की गिरावट के साथ 10.75 पर बंद हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार फिलहाल स्थिरता की स्थिति में है, हालांकि बड़ी कंपनियों के नतीजे कुछ उतार-चढ़ाव ला सकते हैं।


आगे की रणनीति
इस सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। विश्लेषकों की राय है कि निवेशकों को फिलहाल स्टॉक-विशेष दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और किसी भी बड़ी चाल के लिए तैयार रहना चाहिए।