Last Updated on February 24, 2026 4:32 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / RANCHI
सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, कृषि उन्नयन और आधारभूत संरचना के विस्तार को केंद्र में रखते हुए झारखंड सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी ‘अबुआ दिशोम’ बजट पेश किया। झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रस्तुत यह लगातार दूसरा बजट है, जो राज्य की विकासोन्मुख नीतियों और “अबुआ झारखंड” के संकल्प को आगे बढ़ाने का दावा करता है
केंद्र पर सहयोग न देने का आरोप
अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर पर्याप्त आर्थिक सहयोग न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर हिस्सेदारी और अनुदान में लगभग 16,000 करोड़ रुपये कम दिए गए, जिससे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ा है। जीएसटी दर युक्तिकरण से लगभग 4,000 करोड़ रुपये की वार्षिक क्षति और मनरेगा में 60:40 हिस्सेदारी के कारण 5,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कर्मचारियों का वेतन नहीं रोका और 13,000 करोड़ रुपये ‘मंईयां सम्मान योजना’ पर खर्च किए।
बजट का आकार और वित्तीय प्रबंधन
कुल 1,58,560 करोड़ रुपये के बजट में 1,20,851.90 करोड़ राजस्व व्यय और 37,708.10 करोड़ पूंजीगत व्यय निर्धारित है। पूंजीगत व्यय में 8.5 प्रतिशत वृद्धि विकास परियोजनाओं पर जोर दर्शाती है। राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 2.18%) अनुमानित है, जबकि ऋण-जीएसडीपी अनुपात 25.3% पर नियंत्रित रखा गया है।
राज्य कर से 46,000 करोड़, गैर-कर राजस्व 20,700 करोड़, केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 51,236.38 करोड़ तथा केंद्रीय सहायता 18,273.66 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है। योजना व्यय और स्थापना व्यय का अनुपात 36:64 तक पहुंचा है, जो विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का संकेत है।
कृषि और ग्रामीण विकास
कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई विस्तार और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन पर बल दिया गया है। बिरसा बीज उत्पादन योजना का आवंटन 95 करोड़ से बढ़ाकर 145 करोड़ किया गया है। मृदा एवं जल संरक्षण योजनाओं पर 475.50 करोड़ तथा सौर सिंचाई पर 75 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। कृषि-संबद्ध कुल बजट 4,884.20 करोड़ है।
ग्रामीण विकास के तहत मनरेगा में 10 करोड़ मानव-दिवस सृजित किए गए। ‘अबुआ आवास योजना’ में 6.33 लाख आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 1.88 लाख पूर्ण हो चुके हैं। आगामी वर्ष के लिए 4,100 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के तहत 18-50 वर्ष की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे, जिसके लिए 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान है। सर्वजन पेंशन योजना और राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं सहित सामाजिक सुरक्षा पर हजारों करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। महिला, बाल विकास एवं पोषण कार्यक्रमों सहित कुल 22,995.69 करोड़ का बजट रखा गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य
राज्य में 80 उत्कृष्ट विद्यालय और 325 लीडर स्कूल संचालित हैं। प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251.43 करोड़ तथा उच्च व तकनीकी शिक्षा के लिए 2,564.45 करोड़ का प्रावधान है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 7,990.30 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। कैंसर उपचार हेतु 200 करोड़ की विशेष योजना, मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक उपकरण स्थापना और 750 ‘अबुआ दवाखाना’ खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
आधारभूत संरचना और ऊर्जा
सड़क नेटवर्क 15,066 किलोमीटर तक विस्तारित हुआ है। पथ निर्माण विभाग को 6,601.28 करोड़ तथा ग्रामीण कार्य विभाग को 5,081.74 करोड़ दिए गए हैं। ऊर्जा क्षेत्र में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, पतरातु प्लांट विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा सब्सिडी सहित 11,197.89 करोड़ का प्रावधान है।
उद्योग, निवेश और वैश्विक प्रस्तुति
सरकार ने बताया कि राज्य को 1,24,230 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 45,000 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वर्ष 2026 में पहली बार राज्य ने World Economic Forum के दावोस सम्मेलन में भाग लेकर खुद को उभरते निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।
पेसा कानून लागू
2 जनवरी 2026 से राज्य में पेसा कानून लागू हो गया है, जिससे अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाओं को बालू घाट, हाट-बाजार प्रबंधन और लाभुक चयन जैसे अधिकार मिले हैं।
कुल मिलाकर ‘अबुआ दिशोम’ बजट सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास, आधारभूत ढांचे और औद्योगिक निवेश के संतुलित विस्तार पर केंद्रित है। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए राज्य सरकार ने समावेशी और सतत विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ाने का संकल्प दोहराया है।
