Last Updated on January 14, 2026 12:20 am by INDIAN AWAAZ

जाकिर हुसैन, ढाका से
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ती हिंसा के बीच फेनी ज़िले में एक हिंदू ऑटो-रिक्शा चालक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने युवक को पीटने के बाद धारदार हथियार से हमला किया और चाकू मारकर उसकी जान ले ली। यह घटना बीते 24 दिनों में सामने आया ऐसा नौवां मामला है, जिससे हिंदू समुदाय में दहशत और चिंता और बढ़ गई है।
मृतक की पहचान समीर कुमार दास (उम्र लगभग 27–28 वर्ष) के रूप में हुई है, जिन्हें समीर चंद्र दास या समीर दास के नाम से भी जाना जाता था। पुलिस और स्थानीय मीडिया के अनुसार, सोमवार तड़के उनका शव डागनभुइयां उपजिला के जगतपुर गांव के एक खेत में मिला। समीर, रमनंदपुर गांव के निवासी थे और अपने परिवार का भरण-पोषण बैटरी से चलने वाले सीएनजी ऑटो-रिक्शा को चलाकर करते थे। वह कार्तिक कुमार दास और रीना रानी दास के पुत्र थे।
परिजनों के अनुसार, समीर रविवार शाम ऑटो-रिक्शा लेकर घर से निकले थे, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटे। रात भर खोजबीन के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सोमवार सुबह करीब 2 बजे, स्थानीय लोगों ने दक्षिण करीमपुर मुहुरी बाड़ी के पास, डागनभुइयां उपजिला स्वास्थ्य परिसर के निकट एक सुनसान खेत में उनका लहूलुहान और बुरी तरह क्षत-विक्षत शव देखा। पुलिस ने बताया कि शरीर पर चाकू के कई घाव और चोटों के निशान थे, जो क्रूर हमले की ओर इशारा करते हैं। घटनास्थल से मृतक का ऑटो-रिक्शा गायब था।
घटना की पुष्टि करते हुए डागनभुइयां थाना प्रभारी (ओसी) मुहम्मद फैज़ुल आज़िम नोमान ने कहा, “शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए फेनी जनरल अस्पताल भेज दिया गया है। ऑटो-रिक्शा अभी तक नहीं मिला है। हत्यारों की पहचान, गिरफ्तारी और वाहन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।”
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पूर्व-नियोजित हत्या प्रतीत होती है। अधिकारी के अनुसार, “प्रथम दृष्टया लगता है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने ऑटो-रिक्शा भी लूट लिया। परिजन प्राथमिकी दर्ज कराएंगे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।”
यह हत्या ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की एक श्रृंखला सामने आ रही है। पिछले वर्ष युवाओं के नेतृत्व वाले सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से कई इलाकों में हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। हाल के हफ्तों में देश के विभिन्न हिस्सों से हमलों की खबरें आई हैं। पिछले सप्ताह उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश में चोरी के आरोप में भीड़ से बचने की कोशिश में एक 25 वर्षीय हिंदू युवक नहर में कूद गया, जहां उसकी मौत हो गई। 5 जनवरी को पालाश उपजिला के चारसिंधुर बाज़ार में एक 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार की हत्या कर दी गई थी। उसी दिन नरैल ज़िले में स्थित अख़बार दैनिक बीडी ख़बर के कार्यकारी संपादक और एक 38 वर्षीय आइस फैक्ट्री मालिक की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमलों पर गहरी चिंता जताई है। 9 जनवरी को नई दिल्ली ने कहा कि वह हालात पर कड़ी नज़र रखे हुए है और उम्मीद करता है कि सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं से सख्ती से निपटा जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “हम अल्पसंख्यकों, उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथी तत्वों द्वारा किए जा रहे हमलों के चिंताजनक पैटर्न को लगातार देख रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने ऐसी घटनाओं को व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक मतभेद या अन्य कारणों से जोड़ने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है, जबकि वह इसे व्यापक सांप्रदायिक हिंसा के रूप में देखता है।
इस बीच, बांग्लादेश में अधिकार समूहों और सामुदायिक नेताओं ने अल्पसंख्यकों को मजबूत सुरक्षा और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस समीर दास की हत्या की जांच में जुटी हुई है।
