Last Updated on January 28, 2026 8:48 pm by INDIAN AWAAZ
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दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने आज वर्ष 2026-27 के लिए निगम का बजट पेश किया। इस बजट में 17 हजार करोड़ रूपये से अधिक की आय का लक्ष्य रखा गया है, जबकि साढ़े 16 हजार करोड़ रूपये व्यय होने का अनुमान है। बजट में यह कहा गया है कि नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर के दायरे में आने वाले सभी परिसरों से कर वसूली की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी और गैर-सरकारी परिसरों से बकाया संपत्ति कर वसूलने और नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पहल की जाएगी। इस पहल से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में संपत्ति कर मद में 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा सभी प्रमुख बाजारों और उनके आसपास पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। जिससे आगामी वर्ष में निगम को 30 करोड़ रुपये की अधिक आय होने की संभावना है।
बजट में यह बताया गया है कि वर्तमान में स्थिर तीनों सेनेटरी लैंडफिल साइट- भलस्वा, गाजीपुर और ओखला को कूड़ा मुक्त करने के बाद वहां की खाली भूमि पर हरियाली, जन-सुविधाएं तथा विकास परियोजनाएं लाई जाएंगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना के उददेश्य से तीन सौ से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन शुरू स्थापित किये जाएंगे। फिलहाल निगम द्वारा ऐसे 419 स्टेशन संचालित किये जा रहे हैं। वहीं दिल्ली को हरा-भरा बनाने का एक मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत पूरे शहर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा और इस प्लान के तहत कम पानी की मांग वाले पौधों का चयन कर एक पर्यावरण-संवेदनशील हरित मॉडल तैयार किया जाएगा। नगर की खाली जमीनों पर त्रिवेणी विकसित की जाएंगी, जहां बरगद, नीम और पीपल के पौधों का संगम होगा, जिससे छाया, सौंदर्य और पर्यावरण सुरक्षा प्रदान होगी। इसके अलावा निगम के स्कूलों को सुरक्षित बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाने का निर्णय लिया गया है। खेलो इंडिया अभियान के तहत स्कूलों के खेल मैदानों का बेहतर उपयोग किया जाएगा और विभिन्न खेल संघों को आमंत्रित कर बच्चों को खेलों का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत हर वार्ड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आम नागरिक को अपने घर के पास ही प्राथमिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। हर विधानसभा क्षेत्र में मातृ-शिशु केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर देखभाल, जांच और पोषण सेवाएं मिलें।
