Last Updated on January 27, 2026 9:22 pm by INDIAN AWAAZ
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भारतीय उद्योग संगठनों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का स्वागत किया है। भारतीय उद्योग परिसंघ-सी.आई.आई. ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता देश के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक रणनीतिक सफलता है और ये साझेदारी को और मजबूत करता है। सी.आई.आई. के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और लोकतंत्रों के बीच साझेदारी वैश्विक जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के माध्यम से 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय निर्यात के लिए प्राप्त अभूतपूर्व पहुंच भारतीय उद्योग के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है।
भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ-फिक्की ने रणनीतिक महत्व और दीर्घकालिक महत्व के इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को बधाई दी है। संगठन ने कहा कि यूरोपीय संघ देश के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों के अंतर्गत आने वाला सबसे व्यापक और उच्च क्षमता वाला बाजार है और यह बड़े आर्थिक सहयोग को बढ़ाता है। फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि समझौते से व्यापार और निवेश के पर्याप्त अवसर खुलेंगे और विनिर्माण तथा उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में बाजार पहुंच, मजबूत मूल्य-श्रृंखला एकीकरण और निर्यात प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी।
भारतीय निर्यात संगठन परिसंघ-एफ.आई.ई.ओ. ने भी ऐतिहासिक समझौते का स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि यह समझौता देश की वैश्विक आर्थिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और व्यापार आधारित विकास, आर्थिक सुधारों और वैश्विक एकीकरण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। एफ.आई.ई.ओ. के अध्यक्ष एस सी राल्हन ने कहा कि यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ को खुले बाजारों, पूर्वानुमान और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध विश्वसनीय साझेदारों के रूप में मजबूत करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए वस्तुओं और सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व बाजार पहुंच प्रदान करेगा। विशेष रूप से श्रम प्रधान क्षेत्रों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों, कारीगरों और युवाओं को सशक्त बनाएगा।
