Last Updated on February 22, 2026 12:06 am by INDIAN AWAAZ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने ब्राजील-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प की पुष्टि की है। यह साझेदारी पूरकताओं, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समावेशन के साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर आधारित है।
ब्राजील के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बाद जारी भारत-ब्राजील संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर मौजूदा बहुपक्षीय पहलों की केंद्रीय भूमिका को मान्यता दी। उन्होंने एआई को अपनाने, विकसित करने और इसके उपयोग में सहयोग के सहयोग पर सहमति व्यक्त की। इसमें राष्ट्रीय रणनीतियों, बड़े भाषा मॉडल, अनुप्रयोगों पर चर्चा और मॉडल प्रशिक्षण और डेटा सुरक्षा ढांचे जैसे संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं का पता लगाना शामिल है। दोनों नेताओं ने ओपन प्लैनेटरी इंटेलिजेंस नेटवर्क के शुभारंभ की सराहना की और विकासशील देशों में सतत विकास को गति देने और जलवायु कार्रवाई को मजबूत करने के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का लाभ उठाने की दृढ़ इच्छा व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने 2025 में द्विपक्षीय व्यापार में हुई प्रभावशाली वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भारत और दक्षिणी साझा बाजार के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों के बढ़ते महत्व और विकास, नवाचार, रोजगार तथा प्रगति के प्रेरक के रूप में व्यापार और निवेश की भूमिका को स्वीकार किया। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें स्थायी और अस्थायी दोनों प्रकार की सदस्यता श्रेणियों में विस्तार शामिल है। उन्होंने विस्तारित सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए पारस्परिक समर्थन की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने आज नई दिल्ली में बताया कि राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ ग्यारह कैबिनेट मंत्री और ब्राजील के निजी क्षेत्र के व्यापारिक नेताओं का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी था।
भारत और ब्राजील ने महत्वपूर्ण खनिजों, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में 10 समझौते किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ विस्तृत वार्ता की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि चर्चा व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, कृषि, जलवायु परिवर्तन, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों और ग्लोबल साउथ सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित थी। दोनों नेताओं ने समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के अपने दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की।
महत्वपूर्ण खनिजों, डिजिटल सहयोग, पारंपरिक ज्ञान के साझाकरण, स्वास्थ्य, एम.एस.एम.ई, उद्यमिता, जनसंचार सहित कुल दस समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
अपने संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति लूला के नेतृत्व में भारत-ब्राजील संबंध मजबूत हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्राजील लैटिन अमरीका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और आगामी पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत-ब्राजील व्यापार केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि विश्वास का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि भारत और ब्राजील, ब्राजील में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए भी महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं पर समझौता सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के बीच विश्वास और रणनीतिक तालमेल का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस लाभकारी साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब भारत और ब्राजील मिलकर काम करते हैं, तो ग्लोबल साउथ की आवाज और अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी बनती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ब्राजील इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद और उसके समर्थक पूरी मानवता के दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस बात पर भी सहमत हैं कि वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार करना अत्यंत आवश्यक है।
इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का औपचारिक स्वागत किया। ब्राजील के राष्ट्रपति ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि महात्मा गांधी के मूल्य और आदर्श भारत-ब्राजील साझेदारी को प्रेरित करते रहेंगे।
भारत और ब्राजील के बीच सौहार्दपूर्ण, घनिष्ठ और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सुधार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद से निपटने सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समान विचार रखते हैं। दोनों देशों के बीच ब्रिक्स, आईबीएसए, जी20, जी-4, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन जैसे बहुपक्षीय मंचों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन और यूनेस्को जैसे बड़े बहुपक्षीय निकायों में भी उत्कृष्ट सहयोग है।
