Last Updated on November 28, 2025 10:25 pm by INDIAN AWAAZ

भारत ने शुरू किया बड़ा राहत अभियान—‘ऑपरेशन सागर बंधु’

एएमएन न्यूज़ डेस्क | 28 नवंबर 2025

श्रीलंका इन दिनों अपने इतिहास के सबसे गंभीर मौसमीय संकट का सामना कर रहा है। भीषण चक्रवात ‘डिट्वाह’ और लगातार बने हुए निम्न दबाव क्षेत्र ने देश के कई हिस्सों में तबाही मचा दी है। अब तक कम से कम 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लगातार हो रही भारी बारिश ने द्वीप के विभिन्न क्षेत्रों में हालात बद से बदतर कर दिए हैं। पहाड़ी इलाकों की मिट्टी पूरी तरह संतृप्त होने से ढलान अस्थिर हो गए हैं और प्रमुख जलाशय अपनी क्षमता के करीब या उससे ऊपर पहुंच रहे हैं।

स्थानीय डेली मिरर के अनुसार, इस विनाशकारी स्थिति को देखते हुए मोबाइल सेवा प्रदाताओं ने 29 नवंबर तक किसी भी फोन कनेक्शन को बंद नहीं करने का फैसला किया है। इसके साथ ही बेहद कम बैलेंस होने पर भी कुछ मिनटों की मुफ्त कॉलिंग और मुफ्त इंटरनेट डेटा उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोग आपात स्थिति में संपर्क बनाए रख सकें।


राष्ट्रपति ने कई सेवाओं को ‘आवश्यक सेवाएं’ घोषित किया

आपदा के बीच, राष्ट्रपति अनु‍रा कुमार डिसानायके ने एक विशेष गजट अधिसूचना जारी कर बिजली आपूर्ति, पेट्रोलियम और गैस की आपूर्ति, अस्पताल, जल आपूर्ति, तथा सार्वजनिक परिवहन को आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में शामिल कर दिया है, ताकि संकट के दौरान इनका संचालन बाधित न हो।


प्रवासी नागरिकों और विदेशों से राहत योगदान की अपील

श्रीलंका सरकार ने विदेश में रह रहे श्रीलंकाई नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए योगदान दें। राष्ट्रपति मीडिया प्रभाग के अनुसार, इसके लिए स्थानीय मुद्रा और अमेरिकी डॉलर दोनों में दान स्वीकार करने हेतु दो अलग-अलग बैंक खाते खोले गए हैं। ये विवरण विदेशों में स्थित श्रीलंकाई दूतावासों और कोलंबो में मौजूद विदेशी मिशनों में उपलब्ध हैं।

आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) के अनुसार, 16 नवंबर से जारी खराब मौसम ने अब तक 12,313 परिवारों के 43,991 लोगों को प्रभावित किया है। अभी तक 61 मौतें और 25 लोगों के लापता होने की पुष्टि की गई है।

बांदरणायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास की सड़कों पर जलभराव के कारण एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे इस अवधि में टर्मिनल पर अनावश्यक रूप से आने वाले लोगों को साथ न लाएँ, ताकि भीड़ कम की जा सके।


भारत ने शुरू किया बड़ा राहत अभियान: ‘ऑपरेशन सागर बंधु’

श्रीलंका में बढ़ते मानवीय संकट को देखते हुए भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के नाम से एक बड़े राहत मिशन की शुरुआत की है। कोलंबो में तैनात भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी ने पहले ही बड़ी मात्रा में सूखी एवं ताज़ा राशन सामग्री, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुँचा दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर संदेश जारी करते हुए श्रीलंका में जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

“चक्रवात डिट्वाह के कारण अपने प्रियजनों को खोने वाले श्रीलंका के लोगों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएँ। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत और शीघ्र पुनर्वास के लिए मेरी प्रार्थनाएँ। भारत ने तत्काल राहत सामग्री और महत्वपूर्ण HADR सहायता भेजी है और आवश्यकता पड़ने पर और मदद के लिए तैयार है।”

मोदी ने दोहराया कि भारत अपनी ‘पड़ोसी पहले’ नीति और समुद्री साझेदारी के तहत हर संभव सहायता जारी रखेगा।


चक्रवात से सबसे प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे में 500 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौसम की स्थिति अभी और खराब रह सकती है तथा चक्रवात के उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने के बाद कल तक द्वीप से बाहर निकलने की उम्मीद है।