Last Updated on January 30, 2026 12:12 am by INDIAN AWAAZ

BIZ DESK

देश के प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गुरुवार को शुरुआती भारी गिरावट से उबरते हुए मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयरों में जोरदार तेजी और आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में अगले वित्त वर्ष के लिए 6.8 से 7.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि अनुमान से समर्थन मिला।

बीएसई सेंसेक्स 221.69 अंक या 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,566.37 पर बंद हुआ। कारोबार के शुरुआती सत्र में यह 636 अंक तक गिरकर 81,707.94 पर आ गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 76.15 अंक या 0.30 प्रतिशत चढ़कर 25,418.90 पर बंद हुआ, जबकि शुरुआती कारोबार में यह 25,159.80 के निचले स्तर तक फिसल गया था।

विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की नई खरीदारी से बाजार ने निचले स्तरों से जोरदार वापसी की।

सेक्टर-वाइज प्रदर्शन

इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स:
लार्सन एंड टुब्रो के शेयर 3.66 प्रतिशत चढ़े। कंपनी की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की समेकित परिचालन आय सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर ₹71,450 करोड़ रही। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

मेटल सेक्टर:
टाटा स्टील 4.41 प्रतिशत की तेजी के साथ सेंसेक्स का सबसे बड़ा गेनर रहा। वैश्विक संकेतों और इंफ्रास्ट्रक्चर मांग की उम्मीदों से मेटल शेयरों में मजबूती रही।

बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं:
एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख बैंक शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों को ऋण वृद्धि के मजबूत बने रहने की उम्मीद है।

पावर और पोर्ट्स:
एनटीपीसी और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए, जिन्हें बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े सकारात्मक संकेतों का लाभ मिला।

कंज्यूमर और एविएशन:
दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयर दबाव में रहे।

मैक्रो संकेत और अन्य बाजार हालात

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में कहा गया है कि सुधारों के संयुक्त प्रभाव, सार्वजनिक निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में सुधार के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है।

इसी बीच, दिसंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 7.8 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले दो वर्षों में सबसे तेज वृद्धि है।

हालांकि, सुरक्षित निवेश की मांग के कारण सोने के वायदा भाव 6 प्रतिशत उछलकर ₹1.75 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए, जबकि चांदी ₹4.07 लाख प्रति किलो के नए उच्च स्तर पर पहुंची। वहीं, रुपया डॉलर के मुकाबले 91.96 के करीब बंद हुआ, जो अब तक के निचले स्तरों के आसपास है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी केंद्रीय बजट, वैश्विक संकेतों और रुपये की चाल के चलते बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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