Last Updated on February 19, 2026 11:22 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले तीन सत्रों की पूरी बढ़त एक ही दिन में स्वाहा हो गई। BSE सेंसेक्स 1,236.11 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 365 अंकों की गिरावट आई। यह 3 फरवरी के बाद बाजार का सबसे निचला स्तर है।
गिरावट का मुख्य कारण: भू-राजनीतिक तनाव और कच्चा तेल
बाजार में इस कोहराम की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव रहा। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमतें साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, जिससे मुद्रास्फीति (महंगाई) बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने का डर पैदा हो गया है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, गिरावट के अन्य कारण रहे:
- कम लिक्विडिटी: एशियाई बाजारों में चंद्र नव वर्ष (Lunar New Year) की छुट्टी के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भागीदारी कम रही।
- रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया और अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया।
सेक्टर-वार विश्लेषण: चौतरफा बिकवाली
गुरुवार को बाजार में छिपने की कोई जगह नहीं थी, क्योंकि सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 50 के 50 शेयरों में से केवल तीन को छोड़कर बाकी सभी में गिरावट रही।
| सेक्टर/इंडेक्स | प्रदर्शन | मुख्य बिंदु |
| रियल्टी, मीडिया और ऑटो | 📉 सबसे बड़ी गिरावट | इन हाई-बीटा सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई। |
| एविएशन (IndiGo) | ⬇️ -3.28% | निफ्टी का टॉप लूजर; कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर। |
| सीमेंट और ऑटो (M&M) | ⬇️ ~3% | अल्ट्राटेक सीमेंट और एमएंडएम (M&M) में भारी गिरावट दर्ज। |
| बैंकिंग (निफ्टी बैंक) | ⬇️ -1.32% | क्षेत्रीय बैंक अवकाश के बावजूद बैंकिंग शेयरों पर दबाव रहा। |
| मिडकैप और स्मॉलकैप | ⬇️ -1.59% / -1.27% | व्यापक बाजार में कमजोरी; 146 शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर। |
सोना और चांदी: ‘सेफ हेवन’ की मांग
शेयर बाजार में हाहाकार के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का रुख किया। MCX पर सोना ₹1.55–1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना रहा। हालांकि, फेड रेट कट में देरी की आशंका और ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली ने इसकी बढ़त को सीमित रखा।
क्या आगे सुधार की उम्मीद है?
भारी गिरावट के बावजूद, कुछ विश्लेषक इसे “करेक्शन से रिकवरी” की ओर बदलाव मान रहे हैं। इसके पीछे दो मुख्य तर्क दिए जा रहे हैं:
- आकर्षक वैल्यूएशन: 19-20x अर्निंग पर वैल्यूएशन अब लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक हो रही है।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटकर 18% होने से निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
