Last Updated on July 28, 2026 12:43 am by INDIAN AWAAZ

पटना | स्टाफ रिपोर्टर
नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चले छात्र आंदोलन के बाद बिहार सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा करने की घोषणा की है। गृह विभाग ने कहा है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे तक दर्ज सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई वापस लेने की प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी और भविष्य में भी इन मामलों में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गृह विभाग की ओर से 27 जुलाई को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे तक दर्ज मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाएगा। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इन मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यह प्रेस विज्ञप्ति गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह, आईपीएस की ओर से जारी की गई है।
आंदोलन के बाद आया फैसला
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कथित नीट-यूजी परीक्षा घोटाले और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन कई सप्ताह तक चला। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई थी, जिसके बाद आंदोलन वापस ले लिया गया था।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और कथित पेपर लीक विवाद की जवाबदेही तय करने की मांग की थी। बाद में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था।

बिहार में हिंसा और पुलिस कार्रवाई
केंद्र के साथ समझौते के बावजूद बिहार में 22 और 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर हिंसा और पुलिस कार्रवाई हुई। पुलिस ने अनेक एफआईआर दर्ज कीं और बड़ी संख्या में छात्रों एवं प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
सीवान में बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा में पुलिस फायरिंग की घटना भी सामने आई थी। बाद में एक पुलिसकर्मी को कथित रूप से एके-47 से गोली चलाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। झड़पों में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
सीजेपी ने दी थी दोबारा आंदोलन की चेतावनी
सीजेपी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी और मुकदमे जारी रखकर सरकार ने आंदोलन के दौरान दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन किया है। पार्टी ने चेतावनी दी थी कि यदि छात्रों की रिहाई और एफआईआर वापस लेने का वादा पूरा नहीं किया गया तो वह दोबारा आंदोलन शुरू करेगी।
बिहार सरकार की ताजा घोषणा को इन्हीं आश्वासनों को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे के बाद दर्ज मामलों पर उसका क्या रुख होगा और क्या अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
