Last Updated on August 6, 2026 8:52 pm by INDIAN AWAAZ

AMN/ WEB DESK

महाराष्ट्र में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। डॉक्टर सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहे हैं जिसके तहत होमियोपैथ को महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद ने पंजीकरण कराने और छह महीने का प्रमाण-पत्र लेने के बाद एलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति दी गई है।

महाराष्ट्र में डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अथर्व शिंदे ने बताया कि 32 मेडिकल कॉलेज और मुंबई नगरपालिका के अस्पतालों में हड़ताल चल रही है। उन्होंने आगाह किया कि अगर सरकार बातचीत शुरू नहीं करती तो 24 घण्टे बाद आपातकालीन सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। हालांकि, एसोसिएशन के महासचिव डॉ. आशुतोष आदी ने कहा कि बेहद गंभीर मामलों का इलाज जारी रहेगा। एसोसिएशन ने एलोपैथ डॉक्टर के रूप में होमियोपैथ के पंजीकरण की प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की है।