Last Updated on March 21, 2026 4:42 pm by INDIAN AWAAZ

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दुनिया में शांति की उम्मीद रखने वालों के लिए कुछ राहत भरी खबर सामने आई है। Donald Trump ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही Iran के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य अभियान के लक्ष्यों को लगभग हासिल कर चुका है और अब मध्य-पूर्व में सैन्य गतिविधियों को कम करने पर विचार किया जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने उद्देश्य के बहुत करीब पहुंच चुका है। यह बयान इस बात का अब तक का सबसे मजबूत संकेत माना जा रहा है कि 28 फरवरी से शुरू हुई सैन्य झड़पें जल्द समाप्त हो सकती हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाई से बढ़ा तनाव

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और Israel के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में इजरायल ने ईरान के एक महत्वपूर्ण गैस क्षेत्र पर हमला किया था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

इसके जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी (LNG) संयंत्र को निशाना बनाया, जो Qatar में उसी गैस क्षेत्र के दूसरी ओर स्थित है। इस हमले से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई और तेल तथा गैस की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।

गैस क्षेत्र पर हमले रोकने की अपील

ऊर्जा बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच ट्रंप ने संकेत दिया कि इजरायल अब ईरान के गैस क्षेत्र पर आगे हमला नहीं करेगा। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाना और बाजार में स्थिरता लाना बताया जा रहा है।

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी पुष्टि की कि अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुरोध पर इजरायल उस गैस क्षेत्र पर आगे हमला नहीं करेगा, जिससे ईरान की बिजली आपूर्ति का बड़ा हिस्सा जुड़ा हुआ है।

तेल बाजार को स्थिर करने के लिए अमेरिकी कदम

इस बीच अमेरिका ने वैश्विक तेल बाजार को स्थिर करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अमेरिकी प्रशासन ने 30 दिनों के लिए प्रतिबंधों में ढील देते हुए समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति दे दी है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य वैश्विक बाजार में तुरंत अतिरिक्त तेल उपलब्ध कराना और कीमतों में तेजी को नियंत्रित करना है।

उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन पहले ही ऐसे कई कदम उठा चुका है और वैश्विक बाजार में लगभग 44 करोड़ अतिरिक्त बैरल तेल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

वैश्विक बाजार की नजर

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है। यदि हालात शांत होते हैं तो तेल और गैस की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, लेकिन अगर संघर्ष बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ट्रंप के हालिया संकेतों से फिलहाल यह उम्मीद जगी है कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक प्रयास तेज किए जा सकते हैं।