Last Updated on January 16, 2026 11:27 pm by INDIAN AWAAZ

विश्लेषकों का कहना है कि आईटी और सरकारी बैंकों के अच्छे नतीजों ने बाज़ार को सहारा दिया, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक व्यापार अनिश्चितता निकट भविष्य में जोखिम बनी हुई है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 26,000 का स्तर निकटवर्ती प्रतिरोध है और आने वाले दिनों में बाज़ार सीमित दायरे में रह सकता है।

AMN / BIZ DESK

शुक्रवार को शेयर बाज़ार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। आईटी कंपनियों के बेहतर नतीजों और सरकारी बैंकों में खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी को सहारा मिला, हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को दबाव में रखा।


सेंसेक्स 187.64 अंक (0.23%) चढ़कर 83,570.35 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 28.75 अंक (0.11%) बढ़कर 25,694.35 पर बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में 0.04% की मामूली बढ़त रही, जबकि सेंसेक्स 0.01% गिरा।
विस्तृत बाज़ार में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला, जहाँ स्मॉल-कैप सूचकांक 0.5% और मिड-कैप सूचकांक 0.2% ऊपर रहे।

क्षेत्रवार प्रदर्शन

  • सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी): सबसे बेहतर प्रदर्शन, शुक्रवार को 3.3% की तेज़ी और सप्ताह भर में 2.8% की बढ़त। इंफोसिस, एचसीएलटेक और टीसीएस के बेहतर नतीजों से धारणा मज़बूत हुई।
  • बैंकिंग (सरकारी बैंक): आय और परिसंपत्ति गुणवत्ता को लेकर आशावाद से सरकारी बैंकों में बढ़त।
  • फार्मा व हेल्थकेयर: रुपया कमजोर होने से निर्यातक कंपनियों को सहारा, हल्की बढ़त।
  • धातु (मेटल्स): मिश्रित प्रदर्शन; वैश्विक कमोडिटी मज़बूत रही लेकिन व्यापार समझौते की अनिश्चितता ने दबाव डाला।
  • ऊर्जा व तेल-गैस: अस्थिर कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी बिकवाली से दबाव, लगभग स्थिर।
  • एफएमसीजी: मुनाफावसूली और महंगाई की चिंताओं से हल्की गिरावट।
  • ऑटोमोबाइल: मांग को लेकर सतर्कता, कारोबार सपाट।
  • रियल एस्टेट व इंफ्रा: चुनिंदा मिड-कैप कंपनियों में हल्की खरीदारी, लेकिन विदेशी बिकवाली ने बढ़त सीमित की।

मुद्रा बाज़ार
भारतीय रुपया 50 पैसे गिरकर 90.84 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो इसके सर्वकालिक निचले स्तर के करीब है। आयात-निर्भर क्षेत्रों पर दबाव बढ़ा, जबकि आईटी और फार्मा जैसे निर्यातक क्षेत्रों को लाभ मिला।

बाज़ार दृष्टिकोण
विश्लेषकों का कहना है कि आईटी और सरकारी बैंकों के अच्छे नतीजों ने बाज़ार को सहारा दिया, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक व्यापार अनिश्चितता निकट भविष्य में जोखिम बनी हुई है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 26,000 का स्तर निकटवर्ती प्रतिरोध है और आने वाले दिनों में बाज़ार सीमित दायरे में रह सकता है।

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