
नई दिल्ली, 1 अप्रैल, 2025
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भाजपा के सहयोगियों और सांसदों सहित सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करें और इसके समर्थन में कभी वोट न दें।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने देश के सभी धर्मनिरपेक्ष दलों और सांसदों से अपील की है कि वे कल संसद में पेश किए जाने वाले वक्फ संशोधन विधेयक का न केवल कड़ा विरोध करें, बल्कि भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को विफल करने के लिए इसके खिलाफ अपने वोट का भी इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि यह विधेयक न केवल भेदभावपूर्ण और अन्यायपूर्ण है, बल्कि भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों के अनुच्छेद 14/25/ और 26 का भी सीधा विरोधाभासी है।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से भाजपा वक्फ कानूनों को कमजोर करना चाहती है और वक्फ संपत्तियों को हड़पने और नष्ट करने का रास्ता तैयार करना चाहती है। वैसे भी, उपासना स्थल अधिनियम के अस्तित्व में होने के बावजूद हर मस्जिद में मंदिर खोजने का मामला लंबा होता जा रहा है। अब यदि यह संशोधन विधेयक पारित हो गया तो बंदोबस्ती संपत्तियों पर सरकारी और गैर-सरकारी दावों की बाढ़ आ जाएगी और कलेक्टर और डीएम के लिए उन्हें जब्त करना आसान हो जाएगा।
बोर्ड अध्यक्ष ने अपनी अपील में आगे कहा कि संशोधन, जो वक्फ द्वारा उपयोग को समाप्त करते हैं, परिसीमा कानून से छूट को समाप्त करते हैं, वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करते हैं, और वक्फ न्यायाधिकरण की शक्तियों को कम करते हैं, वे संशोधन हैं जो वक्फ संपत्तियों को दी गई सुरक्षा को समाप्त कर देंगे। इसी प्रकार, इस अधिनियम में सरकार (केन्द्र व राज्य सरकारें, नगर निगम व अर्ध-स्वायत्त निकाय) को शामिल करना तथा सरकारी दावों का निपटारा वक्फ ट्रिब्यूनल के स्थान पर कलेक्टर या डीएम द्वारा किया जाना एक ऐसा संशोधन है, जो वक्फ संपत्तियों पर सरकार के अवैध कब्जे को उचित ठहराएगा।
यहां यह उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण है कि ये सभी वही सुरक्षाएं हैं जो देश में अन्य धर्मों की वक्फ संपत्तियों को भी प्राप्त हैं। इसलिए केवल मुस्लिम वक्फ संपत्तियों को निशाना बनाना भेदभावपूर्ण और अन्यायपूर्ण है।
मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने अपनी अपील में आगे कहा कि हमारा देश पूरी दुनिया में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और एक-दूसरे के धर्मों, रीति-रिवाजों, परंपराओं और त्योहारों के प्रति सम्मान के लिए जाना जाता है। लेकिन दुर्भाग्यवश, इस समय देश में ऐसे तत्व हावी हो गए हैं जो सांप्रदायिक सद्भाव के इस माहौल को नष्ट करना चाहते हैं तथा देश में अराजकता और अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं। मुझे आपसे और आपकी पार्टी से पूरी उम्मीद है कि कल आप भाजपा के इस सांप्रदायिक एजेंडे को विफल कर देंगे।