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संसद में मध्यस्थता विधेयक 2023 पारित हो गया है। लोकसभा ने इसे आज पारित किया। राज्य सभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है। लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह विधेयक जीवन में सुगमता लाएगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से मध्यस्थता केंद्रों को कानूनी मदद मिलेगी। श्री मेघवाल ने कहा कि इससे मुकदमों पर खर्च और उसका बोझ कम होगा।
विधेयक में व्यक्तियों को किसी भी न्यायालय या न्यायाधिकरण में जाने से पहले मध्यस्थता के माध्यम से विवादों को निपटाने का अवसर मिलेगा। एक पक्ष दो मध्यस्थता सत्रों के बाद मध्यस्थता से हट सकता है। मध्यस्थता प्रक्रिया 180 दिनों के अन्दर पूरी की जानी चाहिए तथा इसे और 180 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। विधेयक में भारतीय मध्यस्थता परिषद की स्थापना का प्रावधान भी है। विधेयक पर चर्चा जारी है।