Last Updated on April 3, 2025 12:07 pm by INDIAN AWAAZ

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए जवाबी टैरिफ से यूएस की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा और इससे वैश्विक स्तर पर मंदी भी आ सकती है। यह बयान अर्थशास्त्री आकाश जिंदल ने गुरुवार को दिया। बातचीत करते हुए जिंदल ने कहा कि मेरे हिसाब से यह एक खराब फैसला है कि जिसके कारण अमेरिका की अर्थव्यवस्था की गति धीमी होगी और वहां के कंज्यूमरों को अधिक नुकसान पहुंचेगा और इससे ग्लोबल ट्रेड प्रभावित होने के साथ वैश्विक स्तर पर मंदी भी आ सकती है।
अमेरिका के प्रतिबंध का छोटी अवधि में हो सकता है नुकसान
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार सॉल्यूशन ओरिएंटेड है और स्थिति देखकर फैसला लेती है। केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर बातचीत करने की भी कोशिश की, लेकिन अमेरिका द्वारा जवाबी टैरिफ लगाया गया। इस फैसले से भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर असर हो सकता है। इससे केवल छोटी अवधि में ही नुकसान होगा। हालांकि, लंबी अवधि में इसका कोई नुकसान नहीं होगा।
भारत के समान के निर्यात के लिए नए रास्ते खुलेंगे
गोयल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरी दुनिया सम्मान करती है। उनके नेतृत्व में हम आने वाले समय में हम दुनिया के अन्य बड़े देशों के साथ समझौता कर सकते हैं, जिससे भारत के समान के निर्यात के लिए नए रास्ते खुलेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ वैश्विक व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में एक बड़ा बदलाव लाएंगे।
टैरिफ का सबसे अधिक असर ऑटो, स्टील और कृषि पर होने की संभावना
ट्रंप द्वारा भारत सहित कई देशों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ से वैश्विक बाजारों में छोटी अवधि के लिए उथल-पुथल का दौर देखने को मिल सकता है। इस टैरिफ का सबसे अधिक असर ऑटो, स्टील और कृषि पर होगा। हालांकि, फार्मा पर कोई टैरिफ नहीं लगाया गया है। ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 26 प्रतिशत, चीन पर 34 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 प्रतिशत और यूरोपीय यूनियन पर 20 प्रतिशत के साथ कई देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है।
