Last Updated on May 2, 2025 12:49 am by INDIAN AWAAZ

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से बात की है। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर दी। जिसके मुताबिक भारत इस हमले की साजिश रचने वालों और हमलावरों को सजा दिलाने को प्रतिबद्ध है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव पर जयशंकर और रुबियो ने बात की। विदेश मंत्री जयशंकर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पोस्ट में इसकी जानकारी देते हुए लिखा, “कल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके अपराधियों, समर्थकों और योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”

विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस की ओर से जारी एक बयान में इस बातचीत का विवरण दिया गया। रुबियो ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत से आतंक के खिलाफ जंग जारी रखने के साथ तनाव कम करने और दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी काम करने की अपील की।

विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात की। जयशंकर से बातचीत में रुबियो ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए दुख जताया। आतंकी हमले में 26 निहत्थे लोग मारे गए थे।

उधर, इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि शरीफ ने अमेरिकी विदेश मंत्री को दक्षिण एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर पाकिस्तानी दृष्टिकोण से अवगत कराया। पाकिस्तान ने भारत की ओर से सिंधु जल समझौता रद करने का मुद्दा उठाया और कहा कि यह 24 करोड़ लोगों की जीवनरेखा से जुड़ा मामला है।

अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने पाकिस्तान से हुई बातचीत का भी विवरण दिया। उन्होंने कहा, “विदेश सचिव ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की निंदा की। फिर दोनों नेताओं ने आतंकवादियों को उनकी जघन्य हिंसा के लिए जवाबदेह ठहराने की अपनी निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की।”

बयान में कहा गया, “सचिव ने इस अमानवीय हमले की जांच में पाकिस्तानी अधिकारियों से सहयोग करने को कहा। उन्होंने पाकिस्तान को तनाव कम करने, सीधे संचार को फिर से स्थापित करने और दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।” (

भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए एयरस्पेस किया बंद

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत ने बुधवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए नोटिस टू एयर मिशन (नोटम) जारी किया है।

एयरस्पेस तत्काल प्रभाव से बंद 

इस नोटिस टू एयर मिशन के तहत भारत ने पाकिस्तान-पंजीकृत, पाकिस्तान द्वारा संचालित अथवा पाकिस्तान से लीज पर लिए गए सभी नागरिक और सैन्य विमानों के लिए भारतीय वायु क्षेत्र (एयरस्पेस) को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। 

किसी भी पाकिस्तानी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश की इजाजत नहीं

30 अप्रैल से 23 मई 2025 तक किसी भी पाकिस्तानी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध आगे की समीक्षा तक प्रभावी रहेगा और परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन एजेंसियों और हवाई अड्डों को भी दे दी गई जानकारी

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। इस निर्णय की जानकारी संबंधित अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन एजेंसियों और हवाई अड्डों को भी दे दी गई है।

भारत की तरफ से एक कड़ा संदेश

भारत के इस फैसले का सीधा असर पाकिस्तान की वाणिज्यिक और सैन्य उड़ानों पर पड़ेगा। इस फैसले को भारत की तरफ से एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी उकसावे की स्थिति में भारत सख्ती से जवाब देगा। पिछले कुछ दिनों से नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों ने हालात को और भी नाजुक बना दिया है।