Last Updated on March 12, 2026 12:06 am by INDIAN AWAAZ

Staff Reporter

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 लगभग दो प्रतिशत तक गिर गए। विश्लेषकों के अनुसार विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी ने बाजार की धारणा को और कमजोर किया।

बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 1,342.27 अंक (1.72%) गिरकर 76,863.71 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 394.75 अंक (1.63%) टूटकर 23,866.85 पर आ गया।


बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में भारी दबाव

बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। Axis Bank, Kotak Mahindra Bank, Bajaj Finance और Bajaj Finserv के शेयर प्रमुख रूप से कमजोर रहे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता के कारण इस क्षेत्र में दबाव बना रहा।


ऑटो सेक्टर में भी गिरावट

ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयर भी गिरावट की चपेट में रहे। Mahindra & Mahindra और Maruti Suzuki के शेयरों में कमजोरी देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से लागत बढ़ने और मांग पर असर पड़ने की आशंका से निवेशकों ने सावधानी बरती।


टेलीकॉम और रिटेल शेयर भी दबाव में

टेलीकॉम और रिटेल सेक्टर के शेयरों में भी बिकवाली देखी गई। Bharti Airtel और रिटेल कंपनी Trent Limited के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।


कुछ रक्षात्मक शेयरों में बढ़त

कुल मिलाकर बाजार कमजोर रहा, लेकिन कुछ रक्षात्मक क्षेत्रों ने सीमित सहारा दिया। फार्मा कंपनी Sun Pharmaceutical Industries और पावर सेक्टर की कंपनी NTPC Limited के शेयरों में तेजी देखी गई।


कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क Brent crude oil की कीमत 5.76% बढ़कर 92.86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। इससे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए महंगाई और व्यापार घाटे की चिंता बढ़ गई है।


रुपये में कमजोरी

मुद्रा बाजार में Indian Rupee भी दबाव में रहा और 19 पैसे गिरकर 92.04 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और विदेशी पूंजी के बहिर्गमन के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और विदेशी निवेशकों के रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।