Last Updated on January 7, 2026 10:52 pm by INDIAN AWAAZ

BIZ DESK
भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि अंतिम घंटे में आई जोरदार खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों ने दिन के निचले स्तर से अच्छी रिकवरी की। निफ्टी 50 में 37.95 अंकों यानी 0.14 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 26,140.75 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 102.20 अंक यानी 0.12 प्रतिशत फिसलकर 84,961.14 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 84,617 के निचले स्तर तक चला गया था।
बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव बना रहा, जिससे निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति दिखाई दी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदिश शाह के अनुसार, निफ्टी ने 26,100 के अहम सपोर्ट लेवल को बरकरार रखा और अंतिम घंटे में 86 अंकों की रिकवरी दर्ज की, जो बुल्स और बियर्स के बीच संघर्ष को दर्शाता है।
आईटी सेक्टर
आईटी शेयर सबसे बड़े गेनर रहे। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.4 प्रतिशत चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और टेक महिंद्रा में मजबूत तेजी देखने को मिली, जिससे सेक्टर को मजबूती मिली।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ज्वेलरी
टाइटन कंपनी निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़ने वाला शेयर रहा। कंपनी के मजबूत तीसरी तिमाही के बिजनेस अपडेट और उपभोक्ता कारोबार में तेज़ वृद्धि के संकेतों से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ज्वेलरी शेयरों में खरीदारी देखी गई।
फार्मा सेक्टर
फार्मा शेयरों में मिलाजुला रुख रहा। हालांकि सेक्टर इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, लेकिन सिप्ला के शेयर में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट ने निवेशकों को सतर्क किया।
ऑटो सेक्टर
ऑटो शेयरों में दबाव देखने को मिला। मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में गिरावट रही, जिससे निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 0.8 प्रतिशत फिसला।
बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में कमजोरी बनी रही। निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स दोनों हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। विश्लेषकों का कहना है कि चुनिंदा बड़े शेयरों में रोटेशनल सेलिंग ने बाजार की तेजी को सीमित किया।
मिडकैप और स्मॉलकैप
ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई पर एडवांस-डिक्लाइन का आंकड़ा लगभग संतुलित रहा।
कम कच्चे तेल की कीमतों, एशियाई बाजारों में मजबूती और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। रुपये में भी लगातार दूसरे दिन मजबूती रही और यह डॉलर के मुकाबले 89.88 पर बंद हुआ। आगे चलकर विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी 26,000 से 26,370 के दायरे में कंसोलिडेशन कर सकता है, जहां 26,050–26,100 मजबूत सपोर्ट और 26,370 के आसपास रेजिस्टेंस बना रहेगा।
