Last Updated on February 10, 2026 10:50 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK
भारतीय शेयर बाज़ारों ने मंगलवार को अपनी तेजी बरकरार रखी। मेटल और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, बैंकिंग और आईटी जैसे बड़े शेयरों में मुनाफावसूली (Profit-booking) भी देखी गई।
BSE सेंसेक्स 208.17 अंक (0.25%) चढ़कर 84,273.92 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 67.85 अंक (0.26%) की बढ़त के साथ 25,935.15 के स्तर पर स्थिर हुआ।
ऐतिहासिक बदलाव: घरेलू दिग्गजों ने संभाली कमान
आज भारतीय बाज़ार के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ रहा। निफ्टी-50 के स्वामित्व (Ownership) के मामले में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने अब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) को पीछे छोड़ दिया है।
मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के सीईओ गौरव भंडारी ने कहा, “DII द्वारा FII को पछाड़ना एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव है। एसआईपी (SIP), म्यूचुअल फंड और बीमा आवंटन के कारण घरेलू संस्थान अब पूंजी का एक स्थायी और भरोसेमंद स्रोत बन गए हैं।”
सेक्टर-वार प्रदर्शन: कहाँ रही तेजी, कहाँ मंदी?
बाज़ार का रुझान सकारात्मक रहा, जहां 2,620 शेयरों में तेजी और 1,631 में गिरावट दर्ज की गई।
🟢 तेजी वाले सेक्टर्स
- मीडिया और एंटरटेनमेंट (+2.70%): ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल मीडिया में मजबूती से यह सेक्टर सबसे आगे रहा।
- ऑटो (+1.40%): महिंद्रा एंड महिंद्रा (+1.87%) और बजाज ऑटो (+1.79%) जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई।
- मेटल: टाटा स्टील (+2.90%) की अगुवाई में इस सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया।
- क्विक कॉमर्स: Eternal (+5.19%) और Swiggy के शेयरों ने कई हफ्तों के उच्च स्तर को छुआ।
🔴 दबाव वाले सेक्टर्स
- आईटी (IT): मुनाफावसूली के कारण दबाव में रहा; एचसीएल टेक 2.03% नीचे गिरा।
- फार्मा: ट्रेड सुस्त रहा; डॉ. रेड्डीज में 1.55% की गिरावट आई।
- बैंकिंग: निफ्टी बैंक मामूली गिरावट (-0.07%) के साथ 60,626.40 पर बंद हुआ।
- टेक्सटाइल: अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते के बाद इस सेक्टर में चिंता बढ़ी है, क्योंकि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
निफ्टी 50: प्रमुख उतार-चढ़ाव
| टॉप गेनर्स (बढ़त) | कीमत (₹) | बदलाव (%) | टॉप लूजर्स (गिरावट) | कीमत (₹) | बदलाव (%) |
| Eternal | 303.85 | +5.19% | HCL Tech | 1,569.50 | -2.03% |
| Tata Steel | 207.85 | +2.90% | Bajaj Finance | 965.30 | -1.82% |
| ONGC | 271.60 | +1.88% | Dr Reddy’s | 1,255.70 | -1.55% |
| M&M | 3,677.00 | +1.87% | Shriram Fin | 1,048.60 | -1.33% |
मुद्रा और कमोडिटी
- रुपया: डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की उम्मीदों के बीच भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 90.58 पर बंद हुआ।
- सोना: एमसीएक्स (MCX) पर सोना एक सीमित दायरे में रहा। निवेशकों की नज़र अब अमेरिका के खुदरा बिक्री और रोजगार के आंकड़ों पर है।
भारतीय बाज़ारों पर असर डालने वाले अंतरराष्ट्रीय कारकों का विवरण इस तालिका में दिया गया है:
विशेषज्ञों की राय: “गिरावट पर खरीदारी करें”
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी का यह सिलसिला अभी जारी रह सकता है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा के अनुसार, हालांकि मौजूदा स्तरों पर कुछ ठहराव (Consolidation) दिख सकता है, लेकिन निवेशकों को चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।
वैश्विक संकेतों का सारांश (Global Cues Summary)
| वैश्विक कारक | प्रभाव | विवरण |
| अमेरिकी व्यापार समझौता | 🟢 सकारात्मक | भारत-अमेरिका व्यापार सौदे से निवेशकों का मनोबल बढ़ा है और संरचनात्मक मजबूती मिली है। |
| FII अंतर्वाह (Inflow) | 🟢 सकारात्मक | पिछले सत्र में ₹2,258 करोड़ की शुद्ध खरीदारी के साथ विदेशी निवेशक वापस लौट रहे हैं। |
| डॉलर इंडेक्स (DXY) | 🟢 सकारात्मक | डॉलर इंडेक्स के 97 के नीचे फिसलने से रुपये को मजबूती मिली है। |
| अमेरिकी आर्थिक डेटा | 🟡 तटस्थ | निवेशक इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी खुदरा बिक्री और बेरोजगारी के आंकड़ों का इंतज़ार कर रहे हैं। |
| बांग्लादेश-अमेरिका डील | 🔴 नकारात्मक | टेक्सटाइल सेक्टर के लिए चिंता, क्योंकि अमेरिका ने बांग्लादेश के लिए टैरिफ कम कर दिए हैं। |
