शुद्धिकरण’ की घटना भाजपा-आरएसएस की मानसिकता दर्शाती है: राहुल गांधी

Staff Reporter / New Delhi

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संविधान में समानता और सामाजिक न्याय की गारंटी के बावजूद देश में दलितों के साथ भेदभाव, अपमान और हिंसा की घटनाएं जारी हैं।

एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष चल रहा है—एक संविधान की विचारधारा और दूसरी भाजपा-आरएसएस की विचारधारा। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों के सम्मान, समानता और अधिकारों से जुड़ा सवाल है।

गांधी ने कहा कि दलितों पर अत्याचार का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है और संविधान लागू होने के बाद भी कई स्थानों पर भेदभाव समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ कराया जाता है और झाड़ू लगवाई जाती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई जगह दलितों को कुओं से पानी लेने से रोका जाता है।

उन्होंने चाय की दुकानों पर कथित भेदभाव और शादी समारोहों में घोड़े पर सवार होने को लेकर दलितों के साथ मारपीट तथा धमकी दिए जाने का भी उल्लेख किया।

राहुल गांधी ने कहा कि जब कोई दलित व्यक्ति सामाजिक, राजनीतिक या आर्थिक रूप से सफल होता है तो उसके खिलाफ विरोध और हमले और तेज हो जाते हैं। उन्होंने राजस्थान कांग्रेस विधायक दल के नेता टीकाराम जूली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि उनके मंदिर या धार्मिक स्थलों पर जाने के बाद कथित तौर पर “शुद्धिकरण” किया गया।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं दलितों के सम्मान और गरिमा पर हमला हैं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई योग्य हैं।

गांधी ने विशेष रूप से उत्तराखंड में हुई कथित “शुद्धिकरण” की घटना का मुद्दा उठाया और दावा किया कि करीब 20 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज कर एससी/एसटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि वह हर जाति के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। गांधी ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा नेताओं द्वारा कथित तौर पर “शुद्धिकरण” को उचित ठहराना इस दावे के विपरीत है।

विपक्ष के नेता ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को कानून के तहत कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की।

गांधी ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं भाजपा-आरएसएस की कथित मानसिकता को सामने लाती हैं और कहा कि भारत की मूल लड़ाई संविधान में निहित समानता, सम्मान और न्याय के मूल्यों तथा इसके विपरीत विचारधारा के बीच है।