Last Updated on July 8, 2026 11:08 pm by INDIAN AWAAZ

Staff Reporter / New Delhi
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री महामहिम मौलवी अताउल्लाह ओमारी के साथ एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच कृषि, सिंचाई, पशुधन, अनुसंधान और व्यापार के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करना था।
दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय कृषि व्यापार को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। इस सहयोग का उद्देश्य कृषि मूल्य श्रृंखला (agricultural value chains) को मजबूत करना और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच बनाना है, ताकि दोनों देशों के निजी क्षेत्र के व्यापारियों को भी लाभ मिल सके।
इस अवसर पर श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। उन्होंने भारत की ओर से अफगानिस्तान में खाद्य सुरक्षा, कृषि उत्पादकता और किसानों की समृद्धि के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार साझा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
- बीज और फसल उत्पादकता: अफगान प्रतिनिधिमंडल ने गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया। श्री चौहान ने आश्वासन दिया कि भारत उन्नत बीज प्रौद्योगिकियों, गेहूं, मक्का और आलू के गुणवत्तापूर्ण बीजों के साथ-साथ जलवायु के अनुकूल फसलों के विकास में सहयोग करेगा।
- जल प्रबंधन और सिंचाई: अफगानिस्तान में जल संकट को देखते हुए, भारत ने अपने सूक्ष्म-सिंचाई (micro-irrigation), वर्षा जल संचयन, फार्म पोंड और चेक डैम के सफल मॉडलों को साझा करने की पेशकश की है।
- अनुसंधान और क्षमता निर्माण: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अफगानिस्तान के कृषि संस्थानों के बीच शोध, छात्र-संकाय विनिमय और वैज्ञानिकों के प्रशिक्षण पर सहमति बनी है। इसके अलावा बागवानी, डेयरी, पशुपालन और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में भी सहयोग को बढ़ाया जाएगा।
- संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group): भविष्य की रणनीतियों को एक संरचित रूप देने के लिए दोनों देशों ने एक ‘संयुक्त कार्य समूह’ गठित करने का निर्णय लिया है। यह समूह कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग का रोडमैप तैयार करेगा।
व्यापार और निजी क्षेत्र की भागीदारी
दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय कृषि व्यापार को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। इस सहयोग का उद्देश्य कृषि मूल्य श्रृंखला (agricultural value chains) को मजबूत करना और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच बनाना है, ताकि दोनों देशों के निजी क्षेत्र के व्यापारियों को भी लाभ मिल सके।
अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने भारत द्वारा दी जा रही निरंतर सहायता की सराहना की और इसे अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
श्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक के समापन पर विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी न केवल दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को और प्रगाढ़ करेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास के नए द्वार खोलेगी।
