Last Updated on September 15, 2026 10:35 pm by INDIAN AWAAZ

BIZ DESK
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में multi-year highs और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले बाजार में मचे हड़कंप के चलते मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इक्विटी सूचकांकों में भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए बाजार जोरदार गिरावट के साथ बंद हुआ।
इस भारी बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों को महीनों के सबसे निचले स्तर पर धकेल दिया, और बाजार का दायरा पूरी तरह से बिकवाली के पक्ष में झुका रहा। जहाँ रेट-संवेदनशील (rate-sensitive) क्षेत्रों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा, वहीं चुनिंदा शेयरों—विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और कुछ खास कॉर्पोरेट शेयरों—ने इस मंदी के रुख के विपरीत शानदार बढ़त दर्ज की।
बाजार का अवलोकन और सूचकांक प्रदर्शन
प्रमुख एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स (S&P BSE Sensex)777.94 अंक यानी 1.04% की भारी गिरावट के साथ 74,003.82 पर बंद हुआ। इसी तरह, व्यापक निफ्टी 50 (Nifty 50) सूचकांक 279.50 अंक यानी 1.19% फिसलकर 23,118.60 पर बंद हुआ, जो इसका पांच महीने का सबसे निचला स्तर है।
यह गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों की संपत्ति में तेजी से कमी आई। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स (BSE 150 MidCap Index)2.17% और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स (BSE 250 SmallCap Index)2.40% टूट गया। बॉम्बे स्टॉक Exchange (BSE) पर बाजार की स्थिति बेहद कमजोर रही: कुल कारोबार में 3,292 शेयरों में गिरावट आई, जबकि केवल 1,190 शेयर चढ़े, और 221 शेयर अपरिवर्तित रहे।
संस्थागत निवेशकों द्वारा अपने जोखिमों को सुरक्षित करने के कारण बाजार में अस्थिरता (Volatility) तेजी से बढ़ गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का इंडिया वीआईएक्स (India VIX), जो बाजार की निकट अवधि की अस्थिरता को मापता है, 7.99% उछलकर 13.27 पर पहुंच गया।
निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयर और क्षेत्रीय रुझान
मजबूत बिकवाली के कारण सूचकांक को नीचे खींचने वाले प्रमुख शेयर निम्नलिखित रहे:
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI):2.78% की गिरावट
- आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank):2.10% की गिरावट
- रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries):1.77% की गिरावट
क्षेत्रवार बात करें तो धातु (Metals), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं (Consumer Durables) और वित्तीय सेवा क्षेत्र (Financial Services) में भारी बिकवाली हुई। इसके विपरीत, निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT index)2.19% की तेजी के साथ एक दुर्लभ हरे रंग का निकास साबित हुआ। यह विपरीत प्रदर्शन वैश्विक तकनीकी दिग्गजों की उस टिप्पणी से प्रेरित था जिसमें उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास की गति को धीमा करने का आह्वान किया था, जिससे पारंपरिक आईटी सेवाओं के तेजी से बाधित होने की आशंकाएं कुछ हद तक कम हो गईं।
मैक्रोइकॉनॉमिक्स परिदृश्य: मुद्रास्फीति और बॉन्ड यील्ड
घरेलू मोर्चे पर, मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़े लगातार दबाव दर्शा रहे हैं। ईंधन, विनिर्माण और खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के कारण अगस्त 2026 में भारत की थोक मूल्य मुद्रास्फीति (WPI) जुलाई के 9.78% से बढ़कर 9.92% वर्ष-दर-वर्ष हो गई। इसी बीच, ऊर्जा लागत और रुपये पर दबाव के बीच हेडलाइन खुदरा मुद्रास्फीति भी 4.45% से बढ़कर 4.82% हो गई, हालांकि यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 2%-6% के लक्ष्य दायरे के भीतर बनी रही।
मुख्य वित्तीय बेंचमार्क (बंद होने पर)
- कच्चा तेल (Crude Oil): नवंबर 2026 की डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड $1.57 (1.49%) बढ़कर $107.25 प्रति बैरल पर बंद हुआ, और मध्य पूर्व के नए व्यवधानों के बीच यह इंट्रा-डे में $108 के पार चला गया।
- अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड:संयुक्त राज्य अमेरिका की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड1.05% बढ़कर 5.015% हो गई, जो 2007 के बाद पहली बार मनोवैज्ञानिक 5% के आंकड़े को पार कर गई है।
- घरेलू ऋण (Domestic Debt): पिछले सत्र के 7.021% के मुकाबले भारत के 10-वर्षीय बेंचमार्क फेडरल पेपर की यील्ड 0.93% बढ़कर 7.086% हो गई।
- विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange): पिछले सत्र के 95.5400 के मुकाबले आंशिक रूप से परिवर्तनीय भारतीय रुपया कमजोर होकर 95.9200 के आसपास कारोबार कर रहा था। यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY)0.12% बढ़कर 99.60 पर था।
- बुलियन (Gold): 5 अक्टूबर 2026 की एक्सपायरी वाले एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स (MCX Gold futures) 0.56% की गिरावट के साथ Rs 1,50,380 प्रति 10 ग्राम पर आ गए।
वैश्विक संकेत: फेड की उम्मीदें और ऊर्जा के झटके
वैश्विक बाजारों की तस्वीर भी काफी निराशाजनक रही। वॉल स्ट्रीट के कमजोर संकेतों के बाद मंगलवार को एशियाई सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई और यूरोपीय बाजार भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी मौद्रिक नीतिगत फैसले से पहले निवेशक सतर्क बने हुए हैं। बाजार ने 25 आधार अंकों (bps) की दर वृद्धि की लगभग 90% संभावना को पहले ही मूल्य में शामिल कर लिया है, जो 2023 के बाद से केंद्रीय बैंक की पहली दर वृद्धि होगी।
आग में घी का काम सऊदी अरब की ऊर्जा अवसंरचना पर हुए उन हमलों ने किया, जिससे देश की महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन अस्थायी रूप से बाधित हो गई और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया। इसके परिणामस्वरूप ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण और अधिक जटिल हो गया है। इसके अलावा, 5% अमेरिकी यील्ड की वापसी ने निश्चित आय वाले विकल्पों (fixed-income alternatives) को अधिक आकर्षक बनाकर वैश्विक इक्विटी valuations पर दबाव बनाए रखा है।
शेयरों पर विशेष ध्यान और कॉर्पोरेट अपडेट्स
टाटा ग्रुप के शेयरों में जोरदार तेजी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा टाटा संस के कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) पंजीकरण को रद्द करने के आवेदन को अस्वीकार किए जाने के बाद टाटा समूह के शेयरों में भारी लिवाली देखी गई। इस विनियामक निर्णय ने होल्डिंग कंपनी के संभावित अनिवार्य सार्वजनिक लिस्टिंग की उम्मीदों को फिर से हवा दे दी है।
- टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) में 20% का अपर सर्किट लगा।
- टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (Tata Investment Corporation)9.85% चढ़ा।
- टीसीएस (TCS)2.28% और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (Tata Motors Passenger Vehicles)0.83% ऊपर चढ़े।
आईटी सेक्टर का लचीलापन
एआई एकीकरण की समय-सीमा के वैश्विक पुनर्मूल्यांकन के समर्थन से आईटी दिग्गजों ने मजबूत लाभ दर्ज किया।
- एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies)3.95% उछला।
- इन्फोसिस (Infosys)3.79% मजबूत हुआ।
- एमफैसिस (Mphasis) ने 3.62% की बढ़त हासिल की, जबकि टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (2.28%) और टेक महिंद्रा (2.26%) में भी मजबूत संस्थागत लिवाली देखी गई।
कॉर्पोरेट ठेके और अन्य अपडेट्स
- डायमंड पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर (Diamond Power Infrastructure): अदानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई (AEML) से Rs 179.43 करोड़ का लेटर ऑफ अवार्ड मिलने की घोषणा के बाद शेयर 5% के अपर सर्किट पर बंद हुआ।
- केईसी इंटरनेशनल (KEC International): घरेलू क्षेत्रों, सऊदी अरब और अमेरिका में ट्रांसमिशन, वितरण और टावर-आपूर्ति खंडों में Rs 1,303 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल करने के बावजूद शेयर 0.14% फिसल गया।
- ऑरोबिडो फार्मा (Aurobindo Pharma): बेक्लोमीटासोन डिप्रोपियोनेट एचएफए इनहेलेशन एरोसोल के निर्माण और विपणन के लिए यूएस एफडीए (US FDA) की अंतिम मंजूरी मिलने की घोषणा के बाद शेयर 1.18% नीचे आया।
- अफकॉम होल्डिंग्स (Afcom Holdings): हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ लंबी अवधि के विमानन ईंधन आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद शेयर 6.91% लुढ़क गया।
प्राइमरी मार्केट का हाल: नई लिस्टिंग और चालू आईपीओ
प्राथमिक बाजार में मिला-जुला रुझान देखने को मिला, जहां एक नए शेयर की धमाकेदार शुरुआत हुई, वहीं चल रहे सार्वजनिक निर्गमों (IPOs) को भारी सब्सक्रिप्शन मिला।
नई लिस्टिंग: प्रणव कंस्ट्रक्शंस
प्रनाव कंस्ट्रक्शंस (Pranav Constructions) के शेयरों की बीएसई पर शानदार शुरुआत हुई। यह स्टॉक Rs 124 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 30.65% के प्रीमियम पर Rs 162 पर लिस्ट हुआ। हालांकि व्यापक बाजार की भारी गिरावट के बीच प्रॉफिट-बुकिंग के कारण शुरुआती बढ़त में कुछ कमी आई, लेकिन अंततः यह काउंटर Rs 129.60 पर बंद हुआ, जो अभी भी 4.52% का सकारात्मक लिस्टिंग लाभ दर्शाता है। सत्र के दौरान कंपनी के 65.06 लाख से अधिक शेयरों का कारोबार हुआ।
चालू आईपीओ पर नजर
- वीगालैंड डेवलपर्स (Veegaland Developers): 15 सितंबर 2026 को बोली बंद होने तक इस इश्यू को मजबूत खुदरा और संस्थागत समर्थन मिला। Rs 130 से Rs 140 के मूल्य दायरे में पेश किए गए इस इश्यू को 13.55 गुना सब्सक्राइब किया गया, जिसमें 1.13 करोड़ शेयरों के मुकाबले 15.32 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
- मणिका प्लास्टेक (Manika Plastech):Rs 40 से Rs 43 के बीच तय प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ 16 सितंबर को बंद होने से पहले ही 15 सितंबर को शाम तक कुल 8.30 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
