Last Updated on September 3, 2025 12:21 am by INDIAN AWAAZ
इंद्र वशिष्ठ,
नई दिल्ली, जीएसटी के एक सुपरिटेंडेंट ने 22 लाख रुपये रिश्वत देने आए दो व्यक्तियों को रंगेहाथ सीबीआई से पकड़वा दिया।
सीबीआई के अनुसार जीएसटी खुफिया निदेशालय, कोलकाता में तैनात एक जीएसटी सुपरिटेंडेंट ने ईमानदारी का एक सराहनीय कार्य करते हुए, सीबीआई के एक ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप रिश्वत देने के आरोप में बिचौलियों राम सेवक सिंह और सचिन कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी हुई।
सीबीआई के अनुसार कई ऑनलाइन कंपनियों द्वारा कथित कर चोरी की जांच कर रहे इस अधिकारी से रिश्वत के बदले फर्मों को लाभ पहुँचाने के लिए संपर्क किया गया था। लेकिन सुपरिटेंडेंट ने तुरंत सीबीआई में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद सीबीआई ने एक “रिवर्स ट्रैप” बिछाया, जो अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक सावधानी पूर्वक योजनाबद्ध ऑपरेशन था। इस अभियान के दौरान
राम सेवक सिंह और सचिन कुमार गुप्ता
को गिरफ्तार किया गया, जो शिकायतकर्ता सुपरिटेंडेंट को रिश्वत की पेशकश और भुगतान कर रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने आरोपियों से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। इन तलाशियों से रिश्वतखोरी के प्रयास और कर चोरी की योजना से जुड़े और सबूत मिलने की उम्मीद है।
