Last Updated on August 26, 2025 9:19 pm by INDIAN AWAAZ

ए. ज़ेड. नवाब
बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIPPP-2025) को मंज़ूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इस पैकेज के तहत नए उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों और निवेशकों को आकर्षक ज़मीन संबंधी रियायतें, ऋण सब्सिडी और कई तरह की प्रोत्साहन सुविधाएँ दी जाएँगी। इसके तहत उद्यमियों को 40 करोड़ रुपये तक ब्याज सब्सिडी और 30 प्रतिशत तक की पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
विविध प्रोत्साहन
पैकेज के अंतर्गत कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, स्टांप ड्यूटी व भूमि रूपांतरण शुल्क की प्रतिपूर्ति, निजी औद्योगिक पार्कों को समर्थन, पेटेंट पंजीकरण और गुणवत्ता प्रमाणन में भी सरकार मदद देगी।
ज़मीन आवंटन में विशेष रियायतें
- 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश व 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोज़गार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को 10 एकड़ तक मुफ़्त भूमि।
- 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को 25 एकड़ तक मुफ़्त भूमि।
- फॉर्च्यून 500 कंपनियों को 10 एकड़ तक मुफ़्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन की समयसीमा
निवेशकों को इस पैकेज का लाभ लेने के लिए 31 मार्च, 2026 तक आवेदन करना होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस औद्योगिक पैकेज से अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा।
उद्देश्य और असर
इस योजना का मक़सद बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देना, युवाओं को कुशल और आत्मनिर्भर बनाना और पलायन की प्रवृत्ति को रोकना है। इसे बिहार में औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ और तेज़ी से विकसित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज राज्य में उद्योगों को नई ऊँचाई देगा और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा।
