Last Updated on September 11, 2026 6:31 pm by INDIAN AWAAZ

ज़ाकिर हुसैन, ढाका से रिपोर्ट

बांग्लादेश सरकार ने भारत के साथ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में हुई 101 समझौतों और संधियों की समीक्षा शुरू कर दी है। संसद के मुख्य व्हिप नुरुल इस्लाम ने शुक्रवार को कहा कि इन संधियों के भविष्य पर सरकार जल्द ही निर्णय ले सकती है।

ये समझौते आवामी लीग सरकार के 15 वर्षीय शासनकाल में किए गए थे और अब उन्हें व्यापक नीति समीक्षा के हिस्से के रूप में परखा जा रहा है। हालांकि सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें से कौन-सी संधियां रद्द, संशोधित या जारी रखी जाएंगी।

यह विकास उस समय सामने आया है जब अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद हसीना को सत्ता से हटाया गया और एक अंतरिम प्रशासन ने बांग्लादेश की कमान संभाली। हसीना के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश ने व्यापार, परिवहन संपर्क, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा और क्षेत्रीय अवसंरचना जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया था।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में उस दौर में उल्लेखनीय प्रगति हुई थी। भारत ने कई कनेक्टिविटी परियोजनाओं और आर्थिक पहलों को समर्थन दिया, जबकि बांग्लादेश को भारतीय बाजारों तक अधिक पहुंच और ऊर्जा व परिवहन क्षेत्रों में सहयोग का लाभ मिला।

नई सरकार द्वारा की जा रही यह समीक्षा भारत में भी ध्यान आकर्षित कर रही है, क्योंकि कई संधियों को द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

ढाका के अधिकारियों ने कहा है कि समीक्षा का उद्देश्य राष्ट्रीय हितों की रक्षा और सरकारी निर्णयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। 101 संधियों पर अंतिम निर्णय समीक्षा पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

भारत और बांग्लादेश के बीच 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा है और दोनों देशों ने ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध बनाए रखे हैं। हालांकि, हालिया राजनीतिक घटनाक्रम ने द्विपक्षीय संबंधों में नई चुनौतियाँ पैदा कर दी हैं।