Last Updated on September 11, 2026 6:11 pm by INDIAN AWAAZ

ज़ाकिर हुसैन, ढाका से रिपोर्ट

झारखंड के गोड्डा थर्मल पावर प्लांट की एक इकाई में तकनीकी खराबी आने के कारण संचालन रोकना पड़ा, जिससे बांग्लादेश के बिजली ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। यह संयंत्र बांग्लादेश को आयातित बिजली का एक बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता है।

गुरुवार, 11 सितंबर को रिपोर्ट हुई इस गड़बड़ी ने 1,600 मेगावॉट क्षमता वाले प्रोजेक्ट की दो इकाइयों में से एक को प्रभावित किया। कंपनी और संबंधित अधिकारी सामान्य संचालन बहाल करने में जुटे हैं, जबकि बांग्लादेश के ऊर्जा अधिकारी आपूर्ति पर इसके प्रभाव की निगरानी कर रहे हैं।

अडानी पावर द्वारा संचालित यह संयंत्र भारत-बांग्लादेश के दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति समझौते के तहत विकसित किया गया था। प्रत्येक इकाई की क्षमता 800 मेगावॉट है और बिजली एक समर्पित ट्रांसमिशन नेटवर्क के माध्यम से बांग्लादेश भेजी जाती है।

यह अस्थायी बंदी ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश को ईंधन संकट, बढ़ती मांग और विविध ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता के कारण स्थिर बिजली आपूर्ति बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत-बांग्लादेश ऊर्जा सहयोग में गोड्डा परियोजना एक अहम कड़ी रही है। भारत से बिजली निर्यात ने बांग्लादेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद की है। नवीनतम तकनीकी समस्या पर दोनों देशों के अधिकारी करीबी नजर रखे हुए हैं।

बांग्लादेश में ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ते ध्यान के बीच, निरंतर बिजली आपूर्ति उद्योगों, व्यवसायों और घरों के लिए प्राथमिकता बनी हुई है।

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