Last Updated on October 19, 2026 5:52 pm by INDIAN AWAAZ

निजी बैंकों में बिकवाली, PSU बैंक शेयरों में तेजी

हमारे बिजनेस संवाददाता

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों के शेयरों में बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, कमजोर वैश्विक संकेतों और पिछले सत्रों की तेजी के बाद मुनाफावसूली ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला। हालांकि, दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजों के दम पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में तेजी रही।

बीएसई सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,888.95 पर बंद हुआ। इस तरह निफ्टी अहम 22,900 के स्तर से नीचे फिसल गया।

यह गिरावट पिछले चार कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद आई। इस अवधि में सेंसेक्स में 2.68 प्रतिशत और निफ्टी में 2.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव रहा। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.04 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.29 प्रतिशत गिर गया।

एनएसई पर बाजार की चौड़ाई कमजोर रही। कुल 2,717 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 846 शेयरों में तेजी रही और 101 शेयर अपरिवर्तित रहे। बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया VIX 4.48 प्रतिशत बढ़कर 14.69 पर पहुंच गया।

निजी बैंकों में बिकवाली से बाजार पर दबाव

निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों के शेयरों में गिरावट ने बेंचमार्क सूचकांकों को नीचे खींचा। एक्सिस बैंक का शेयर 4.19 प्रतिशत गिर गया, हालांकि बैंक ने सितंबर तिमाही में अच्छा लाभ दर्ज किया था।

बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 37.6 प्रतिशत बढ़कर 7,003.28 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 5,089.64 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल आय भी 14.2 प्रतिशत बढ़कर 42,949.32 करोड़ रुपये हो गई।

एचडीएफसी बैंक का शेयर 2.31 प्रतिशत गिरा। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ 4.66 प्रतिशत बढ़कर 19,509.96 करोड़ रुपये रहा, जबकि कुल आय 6.8 प्रतिशत बढ़कर 97,257.62 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज आय (NII) 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,620 करोड़ रुपये पहुंच गई।

आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.15 प्रतिशत गिरा। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ 20.1 प्रतिशत बढ़कर 14,843.03 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध ब्याज आय 17.7 प्रतिशत बढ़कर 25,339 करोड़ रुपये हो गई।

हालांकि, बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) घटकर 4.18 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 4.30 प्रतिशत और जून तिमाही में 4.36 प्रतिशत था।

बैंकों के शेयरों में गिरावट से संकेत मिलता है कि निवेशक केवल शुद्ध लाभ में वृद्धि पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वे ब्याज मार्जिन, जमा जुटाने की लागत, परिचालन खर्च और भविष्य में लाभप्रदता की संभावनाओं का भी आकलन कर रहे हैं।

सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी

निजी बैंकों के विपरीत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में मजबूती रही। मजबूत तिमाही नतीजों के कारण निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 5.25 प्रतिशत उछला। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 30.32 प्रतिशत बढ़कर 5,537.20 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय 20.09 प्रतिशत बढ़कर 10,583 करोड़ रुपये रही। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन भी पिछले साल के 2.67 प्रतिशत से बढ़कर 2.86 प्रतिशत हो गया।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का शेयर 4.82 प्रतिशत चढ़ा। बैंक का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 12.82 प्रतिशत बढ़कर 5,532.23 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध ब्याज आय 10.82 प्रतिशत बढ़कर 11,601.29 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि कुल आय 5.44 प्रतिशत बढ़कर 38,185.41 करोड़ रुपये हो गई।

निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में विपरीत रुझान ने सोमवार के कारोबार को खास बनाया। जहां निजी बैंकों में बिकवाली रही, वहीं चुनिंदा सरकारी बैंकों के मजबूत नतीजों ने उनके शेयरों को सहारा दिया।

कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों का असर

वैश्विक बाजारों की कमजोरी ने भी घरेलू निवेशकों की धारणा प्रभावित की। दिसंबर 2026 डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड वायदा 1.19 प्रतिशत गिरकर 108.55 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। हालांकि, कीमतों में गिरावट के बावजूद कच्चे तेल का स्तर ऊंचा बना हुआ है।

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में ऊंची तेल कीमतें आयात बिल बढ़ा सकती हैं, रुपये पर दबाव डाल सकती हैं और महंगाई को बढ़ावा दे सकती हैं। इससे कंपनियों की लागत और उपभोक्ताओं के खर्च पर भी असर पड़ सकता है।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया मामूली कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 94.9100 पर कारोबार कर रहा था। पिछले कारोबारी सत्र में यह 94.8950 पर बंद हुआ था।

भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 7.403 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले सत्र में यह 7.382 प्रतिशत थी। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.10 प्रतिशत बढ़कर 101.94 पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.084 प्रतिशत दर्ज की गई।

यूरोपीय शेयर बाजारों में फ्रांस की राजनीतिक और सामाजिक अशांति तथा कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले सतर्कता के कारण कमजोरी रही। एशियाई बाजारों में प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं पर भारी निवेश और वित्तपोषण की बढ़ती लागत को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है।

अमेरिकी बाजार भी पिछले शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। नैस्डैक कंपोजिट 2.14 प्रतिशत, S&P 500 इंडेक्स 1.09 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.34 प्रतिशत गिरा था। महंगाई के मजबूत आंकड़ों और AI निवेश की दीर्घकालिक लाभप्रदता को लेकर चिंताओं ने खासकर प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर शेयरों पर दबाव डाला।

चुनिंदा शेयरों में अलग-अलग रुझान

ट्रैवल प्लेटफॉर्म इक्सिगो की परिचालक कंपनी ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी का शेयर 9.51 प्रतिशत उछला। कंपनी ने सितंबर तिमाही में 63.42 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में उसे 3.46 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

कंपनी का परिचालन राजस्व 12.92 प्रतिशत बढ़कर 320.96 करोड़ रुपये और सकल लेनदेन मूल्य (GTV) 22 प्रतिशत बढ़कर 5,304.47 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, तिमाही के लाभ में फ्रेशबस में हिस्सेदारी की आंशिक बिक्री से प्राप्त 40.66 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ भी शामिल था। इसलिए कंपनी के नियमित परिचालन प्रदर्शन का आकलन इस एकमुश्त लाभ से अलग करके करना जरूरी है।

इसके विपरीत, अर्बन कंपनी का शेयर 10.45 प्रतिशत टूट गया। कंपनी का समेकित शुद्ध घाटा बढ़कर 182.48 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 59.33 करोड़ रुपये था। हालांकि, परिचालन राजस्व 41.38 प्रतिशत बढ़कर 537.29 करोड़ रुपये रहा।

अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 2.36 प्रतिशत गिरा, जबकि कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 21.29 प्रतिशत बढ़कर 1,493.77 करोड़ रुपये और परिचालन राजस्व 18.81 प्रतिशत बढ़कर 23,295.07 करोड़ रुपये रहा।

एचएफसीएल का शेयर 5 प्रतिशत की ऊपरी सर्किट सीमा पर पहुंच गया। कंपनी का समेकित परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 143.62 प्रतिशत बढ़कर 2,541.79 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 448.14 प्रतिशत बढ़कर 394.22 करोड़ रुपये रहा।

इन शेयरों का प्रदर्शन बताता है कि निवेशक केवल राजस्व या मुनाफे में वृद्धि नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्थिरता और भविष्य की संभावनाओं को भी महत्व दे रहे हैं।

चार आईपीओ को निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया

प्राथमिक बाजार में भी गतिविधियां तेज रहीं। सोमवार को बंद होने वाले चार आईपीओ को अलग-अलग स्तर पर निवेशकों की प्रतिक्रिया मिली।

19 अक्टूबर 2026 को शाम 4:21 बजे उपलब्ध कराए गए एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार:

  • टोंबो इमेजिंग इंडिया: इश्यू 135.29 गुना सब्सक्राइब हुआ। मूल्य दायरा 665–700 रुपये प्रति शेयर था।
  • बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशन्स: इश्यू 45.87 गुना सब्सक्राइब हुआ। मूल्य दायरा 558–586 रुपये था।
  • सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज: इश्यू 14.07 गुना सब्सक्राइब हुआ। मूल्य दायरा 327–344 रुपये था।
  • जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस: इश्यू 3.05 गुना सब्सक्राइब हुआ। मूल्य दायरा 143–151 रुपये था।

सब्सक्रिप्शन के स्तर में अंतर से पता चलता है कि इन कंपनियों के प्रति निवेशकों की मांग एक जैसी नहीं रही। हालांकि, किसी आईपीओ का कई गुना सब्सक्राइब होना अपने आप में कंपनी की दीर्घकालिक निवेश क्षमता या भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। अंतिम आंकड़ों की पुष्टि संबंधित स्टॉक एक्सचेंज से की जानी चाहिए।

आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी?

दशहरा के कारण मंगलवार, 20 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार बंद रहेगा। कारोबार दोबारा शुरू होने पर निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड पर रहेगी।

सोमवार की गिरावट ने दिखाया कि मजबूत कॉरपोरेट नतीजे भी बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते, यदि वैश्विक अनिश्चितता, लागत का दबाव और निवेशकों की सतर्कता बनी रहे।

फिलहाल निजी बैंकों की लाभप्रदता, सरकारी बैंकों के नतीजों की मजबूती, तेल की कीमतों का रुख और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे। निवेशकों के लिए राजस्व और मुनाफे की वृद्धि के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता तथा आगे टिके रहने की क्षमता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This report is for informational purposes only and should not be construed as investment advice or a recommendation to buy or sell any security. Readers should verify market data and consult a qualified financial adviser before making investment decisions.