Last Updated on October 14, 2026 10:47 pm by INDIAN AWAAZ

AMN नागपुर

दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने और विरोध प्रदर्शन के दौरान जबरन घुसने के आरोप में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के दो नेताओं—सौरव दास और आशुतोष रांका—को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश में “अघोषित आपातकाल” लागू कर रही है।

सौरव और रांका की गिरफ्तारी पर फूटा गुस्सा

अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया कि आशुतोष रांका और सौरव दास ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर आख़िर कौन सा अपराध कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मैं पीएम मोदी से कहना चाहता हूँ कि यदि आप देश में आपातकाल थोपना चाहते हैं, तो इसकी आधिकारिक घोषणा कीजिए। इस तरह कायरों की तरह काम करना और अघोषित आपातकाल लगाना कहाँ का न्याय है, जहाँ राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर युवाओं को पाँच दिन जेल में डाल दिया जाए? ऐसा तानाशाही रवैया तो आपातकाल के दौर में भी देखने को नहीं मिला था।”

उन्होंने आगे कहा कि इस देश में तिरंगा फहराना सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है। दीपके ने चुनौती भरे लहजे में कहा, “थोड़ा साहस दिखाइए, इतनी कायरता मत दिखाइए। अगर हिम्मत है, तो देश में घोषित आपातकाल लगा दीजिए।”

‘इंडिया’ गठबंधन और सीजेपी का मकसद एक

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने स्पष्ट किया कि सीजेपी सत्ता पक्ष पर दबाव बनाने वाला एक स्वतंत्र समूह है। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसका मतलब यह नहीं है कि सीजेपी ‘इंडिया’ गठबंधन के खिलाफ है। दोनों के आंदोलनों का अंतिम लक्ष्य और मकसद एक ही है।

मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकार की ‘फूट डालो और राज करो’ की राजनीति को समझें। उन्होंने कहा कि सरकार अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के साथ अलग-अलग तरह का बर्ताव कर जनता के बीच अविश्वास पैदा कर रही है, ताकि लोग व्यवस्था से सवाल करने के बजाय आपस में ही लड़ते रहें।

दीक्षाभूमि जाकर डॉ. आंबेडकर को दी श्रद्धांजलि

नागपुर दौरे के दौरान अभिजीत दीपके दीक्षाभूमि गए, जहाँ 14 अक्टूबर 1956 को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी।

डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा, “हमारा देश संविधान और बाबासाहेब के विचारों से चलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या कोई भी अन्य ताकत देश पर आरएसएस की विचारधारा थोपने की चाहे जितनी कोशिश कर ले, उनकी यह मंशा कभी कामयाब नहीं होगी। यह देश हमेशा बाबासाहेब के रास्ते पर ही चलेगा।”

पृष्ठभूमि:

उल्लेखनीय है कि शांति भंग करने के मुचलके के उल्लंघन और जंतर-मंतर के प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन घुसकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर नारेबाजी करने के आरोप में सीजेपी नेताओं को हिरासत में लिया गया था। मंगलवार तड़के कार्रवाई के बाद बुधवार को अदालत ने दोनों नेताओं को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है।