Last Updated on March 9, 2026 12:39 am by INDIAN AWAAZ

बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुत्र निशांत कुमार ने रविवार को औपचारिक रूप से Janata Dal (United) (जेडीयू) की सदस्यता ग्रहण कर सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया। Patna स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही, जहां उनके स्वागत में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने कहा कि वह अपने पिता द्वारा पिछले 20 वर्षों में किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, “मेरे पिताजी ने बीते दो दशकों में जो काम किया है, उसे जनता तक पहुंचाना और उसे आगे बढ़ाना मेरी प्राथमिकता होगी।”

निशांत कुमार ने कहा कि उन्होंने जेडीयू की सदस्यता ग्रहण कर ली है और वह एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी और बिहार की जनता ने जो भरोसा उन पर जताया है, उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।

अपने पिता के हालिया फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि Nitish Kumar का Rajya Sabha जाने का निर्णय उनका व्यक्तिगत फैसला है और वह उसका सम्मान करते हैं। निशांत ने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता उनके पिता के मार्गदर्शन में ही काम करते रहेंगे।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और Bihar की जनता से अपील की कि वे उनके पिता पर अपना विश्वास बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में किए गए विकास कार्यों पर बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गर्व है।

निशांत कुमार ने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता पार्टी संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से जुड़ना होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जेडीयू सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाएगा।

इससे पहले जब निशांत कुमार पार्टी कार्यालय पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया। पार्टी नेताओं ने भी उनकी सादगी और सरल स्वभाव की सराहना की।

निशांत कुमार साधारण कुर्ता-पायजामा और हवाई चप्पल पहनकर कार्यक्रम में पहुंचे, जिसने कई कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। राजनीतिक गलियारों में उनकी इस सादगी को लेकर चर्चा भी रही।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू में शामिल होने के बाद निशांत कुमार जल्द ही बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर सकते हैं, जहां वह पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।