Last Updated on February 20, 2026 9:24 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK
भारतीय शेयर बाजारों ने शुक्रवार को शानदार वापसी की। एक दिन पहले की भारी गिरावट के बाद, सरकारी बैंकों (PSU Banks) और मेटल शेयरों में आई लिवाली ने बाजार को फिर से हरे निशान पर लाकर खड़ा कर दिया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशकों ने घरेलू मोर्चे पर भरोसा दिखाया।
कारोबार के अंत में, BSE सेंसेक्स 316.57 अंक (0.38%) की बढ़त के साथ 82,814.71 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE निफ्टी50 ने 116.90 अंक (0.46%) की तेजी दर्ज की और 25,571.25 के स्तर पर स्थिर हुआ।
सेक्टर-वार प्रदर्शन: सरकारी बैंकों का जलवा
बाजार की इस तेजी का असली हीरो निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स रहा, जिसने आज 9,691 का अपना नया ‘ऑल-टाइम हाई’ (सर्वोच्च स्तर) छुआ।
| सेक्टर इंडेक्स | साप्ताहिक बढ़त | मुख्य कारण |
| निफ्टी PSU बैंक | +5.45% | मजबूत तिमाही नतीजे और बजट का कैपेक्स पुश |
| निफ्टी मेटल | +1.25% | वैश्विक मांग में सुधार और टाटा स्टील में तेजी |
| निफ्टी IT | -1.00% (गिरावट) | वैश्विक अनिश्चितता और टेक खर्चों में कटौती |
PSU बैंकिंग में क्यों मची है लूट?
निवेशक निजी बैंकों की तुलना में सरकारी बैंकों पर ज्यादा दांव लगा रहे हैं। इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं:
- मजबूत बैलेंस शीट: दिसंबर तिमाही के शानदार नतीजों ने बाजार को चौंका दिया है।
- बजट का सहारा: केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर रिकॉर्ड खर्च के ऐलान से सरकारी बैंकों के लोन ग्रोथ में तेजी आने की उम्मीद है।
- एसेट क्वालिटी: बैंकों के फंसे हुए कर्ज (NPA) में ऐतिहासिक कमी आई है।
कॉर्पोरेट जगत की बड़ी खबरें
- SBI का ऐतिहासिक सफर: इस हफ्ते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का मार्केट कैप पहली बार ₹12 लाख करोड़ के पार निकल गया। यह रिलायंस, TCS और HDFC बैंक के बाद भारत की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। पिछले 7 महीनों में इस शेयर ने 53% का रिटर्न दिया है।
- टॉप गेनर्स: साप्ताहिक आधार पर इंडियन बैंक (7.5%), यूनियन बैंक (7.2%) और PNB (7.1%) सबसे आगे रहे।
- आईटी सेक्टर में दबाव: टेक महिंद्रा, इंफोसिस और HCL टेक जैसे दिग्गज शेयरों में 1.7% तक की गिरावट देखी गई, जिससे आईटी इंडेक्स पर दबाव बना रहा।
बाजार का भविष्य और विशेषज्ञों की राय
मिडकैप इंडेक्स में 0.48% की बढ़त रही, जबकि स्मॉलकैप में हल्की मुनाफावसूली देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव (US-Iran) और नहीं बढ़ता है, तो बजट के सकारात्मक प्रभाव बाजार को मार्च क्लोजिंग तक नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।
अस्वीकरण: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
