Last Updated on January 21, 2026 9:50 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / NEWS DESK
आंध्र प्रदेश सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर ऑस्ट्रेलिया के कानून का अध्ययन कर रही है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने यह जानकारी स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान दी।
ब्लूमबर्ग न्यूज से बातचीत में नारा लोकेश ने कहा, “एक राज्य के तौर पर हम ऑस्ट्रेलिया के अंडर-16 कानून का अध्ययन कर रहे हैं और मेरा मानना है कि हमें इस दिशा में एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करने की जरूरत है।” उन्होंने यह भी कहा कि एक निश्चित उम्र से कम के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखना जरूरी है, क्योंकि वे अक्सर यह समझ नहीं पाते कि वे ऑनलाइन क्या देख रहे हैं और उसका उन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल भारत में नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैरेंटल कंट्रोल और अभिभावक की सहमति की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक उम्र आधारित व्यापक प्रतिबंधों पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। सोशल मीडिया की लत और हानिकारक कंटेंट को लेकर सख्त नियमों की मांग करते हुए कई याचिकाएं अदालतों में लंबित हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंधों को लागू करना आसान नहीं होगा। साइबर सुरक्षा और पब्लिक पॉलिसी की विशेषज्ञ वकील कार्निका सेठ के अनुसार, इंटरनेट की संरचना ऐसी है कि तकनीकी तरीकों से प्रतिबंधों को दरकिनार किया जा सकता है। ऐसे में किसी भी पूर्ण प्रतिबंध की व्यवहारिकता और प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीरता से विचार करना होगा।
यह बहस केवल भारत तक सीमित नहीं है। इंडोनेशिया, डेनमार्क और ब्राज़ील जैसे कई देश भी बच्चों और किशोरों को सोशल मीडिया के संभावित दुष्प्रभावों से बचाने के लिए बड़ी टेक कंपनियों पर सख्त नियम लागू करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
