Last Updated on January 17, 2026 10:55 am by INDIAN AWAAZ

भारत और जापान महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह गठित करने के लिए सहमत हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि रक्षा सहयोग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि जापान के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री के बीच इस विषय पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री सुब्रहमण्यम जयशंकर ने कहा कि ये द्विपक्षीय साझेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के जोखिम को कम करने में सक्षम हैं।
श्री जायसवाल ने कहा कि भारत इन संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है और कई परियोजनाएं विचाराधीन हैं। प्रवक्ता ने बताया कि जापान के विदेश मंत्री तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा पहल के अंतर्गत, भारत और जापान आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी सहयोग बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र संवाद का आयोजन करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा पहल के भारत और जापान आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी सहयोग बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र संवाद का आयोजन करेंगे। एआई में सहयोग को गति देने के लिए, दोनों पक्षों ने विदेश मंत्रालयों के नेतृत्व में एआई संवाद शुरू किया है। इसके अलावा, दुर्लभ पृथ्वी तत्वों और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए, दोनों पक्षों ने 2026 की शुरुआत में महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह का गठन करने का निर्णय लिया है, जो एक नई पहल है।
श्री जायसवाल ने बताया कि जापान के विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की और बाद में विदेश मंत्री के साथ 18वें भारत-जापान रणनीतिक वार्ता में भाग लिया। चर्चा के दौरान, दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, निवेश, व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, जन-जन आदान-प्रदान और सांस्कृतिक संबंधों सहित बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।
इस बीच, मंत्रालय ने कहा है कि भारत ईरान में मौजूदा हालात पर कड़ी नजर रख रहा है। श्री जायसवाल ने कहा कि भारत ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के हित में हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि लगभग 9000 नागरिक, जिनमें ज्यादातर छात्र हैं, वर्तमान में ईरान में रह रहे हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि हाल के दिनों में ईरान की स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने कुछ परामर्श जारी किए हैं। इनमें भारतीयों को ईरान जाने से बचने की सलाह दी गई है और ईरान में रह रहे लोगों को वापस लौटने के लिए कहा गया है।
चाबहार बंदरगाह के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि पिछले वर्ष 28 अक्टूबर को अमरीका के वित्त विभाग ने सशर्त प्रतिबंधों में छूट के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जो इस साल 26 अप्रैल तक वैध हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए अमरीका के पक्ष के साथ बातचीत कर रहा है।
