Last Updated on November 18, 2025 12:23 am by INDIAN AWAAZ
अधिकांश हैदराबाद के निवासी

सऊदी अरब में रविवार रात मक्का–मदीना हाईवे पर हुए एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में कम से कम 42 भारतीय उमरा यात्री जान से हाथ धो बैठे। मरने वालों में अधिकांश तेलंगाना और हैदराबाद से थे। दुखद बात यह है कि 18 लोग एक ही परिवार के थे, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उमरा की रस्में पूरी करने के बाद श्रद्धालु बस से मक्का से मदीना जा रहे थे। इसी दौरान बस चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया, और वाहन एक डीज़ल टैंकर से टकरा गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। कई यात्री उस समय सो रहे थे, जिससे वे बाहर निकलने में असमर्थ रहे।
रेस्क्यू टीमों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि पीड़ितों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया। तीन घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भारतीय दूतावास का त्वरित एक्शन
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही भारत के वाणिज्य दूतावास, जेद्दाह में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
भारत के दूतावास और वाणिज्य दूतावास के अधिकारी सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय सहित स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और सहायता के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।
हेल्पलाइन नंबर: 8002440003 (टोल-फ्री)
प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा:
“मदीना के पास हुए इस भीषण हादसे में भारतीय नागरिकों की मृत्यु की खबर अत्यंत दुखद है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।”
उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू और कांग्रेस पार्टी ने भी शोक संदेश जारी किए।
मक्का–मदीना मार्ग और सुरक्षा उपाय
मक्का–मदीना एक्सप्रेसवे आठ लेन का हाईवे है, जहां छोटी गाड़ियों के लिए गति सीमा 140 किमी/घंटा और बसों के लिए 120 किमी/घंटा है।
सऊदी अरब सड़क सुरक्षा पर व्यापक निवेश कर रहा है और 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में मौत की संख्या को प्रति 1 लाख आबादी पर 5 से कम करने का लक्ष्य रखता है।
तेलंगाना सरकार की मुआवजा घोषणा और कदम
तेलंगाना कैबिनेट ने राज्य के मृतक उमरा जायरीनों के परिजनों को 5 लाख रुपये एक्स-ग्रैशिया देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक मृतक के परिवार से दो लोगों को सऊदी अरब भेजा जाएगा, ताकि वे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन की अगुवाई में एक आधिकारिक दल भी सऊदी अरब जाएगा। इस दल में AIMIM के एक विधायक और एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
हैदराबाद में मातम का माहौल
हैदराबाद के नामपल्ली हज हाउस में अपने प्रियजनों की जानकारी के लिए परिजन व्याकुल होकर जुटे हुए हैं।
एक ही परिवार के शेख नसीरुद्दीन, उनकी पत्नी अख़्तर बेगम और कई रिश्तेदार इस हादसे के शिकार हुए।
इसी तरह सबीहा बेगम और उनके चार परिवारजन भी इस दुखद दुर्घटना में मारे गए, जिससे दो परिवारों पर गहरा संकट आ पड़ा है।
परिजनों ने बताया कि पूरा परिवार कई हफ्तों से उमरा यात्रा की तैयारियों में लगा था और बेहद खुशी के साथ यह पवित्र यात्रा शुरू की थी।
