तीन वर्षों में पाँच लाख से अधिक आधार-सत्यापित अंगदान प्रतिज्ञाएँ,

SUDHIR KUMAR / नई दिल्ली
भारत ने अंगदान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ष 2023 में डिजिटल प्रतिज्ञा पोर्टल शुरू होने के बाद मात्र तीन वर्षों में पाँच लाख से अधिक आधार-सत्यापित अंगदान प्रतिज्ञाएँ दर्ज की हैं। यह जानकारी सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारतीय अंगदान दिवस समारोह के दौरान दी गई।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में अंग प्रत्यारोपण की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब भारत में हर वर्ष 20 हजार से अधिक अंग प्रत्यारोपण किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे जन-जागरूकता, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और सरकार की निरंतर पहल का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से लगातार देशवासियों से अंगदान को जीवनदान का सबसे बड़ा दान मानने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया है कि दान किए गए अंगों का सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन अत्यंत आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।
अनुप्रिया पटेल ने बताया कि अंग प्रत्यारोपण की संख्या के मामले में भारत अब अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है, जो देश के स्वास्थ्य तंत्र की बढ़ती क्षमता और दक्षता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम (एनओटीपी) के तहत केंद्र सरकार राज्यों और चिकित्सा संस्थानों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्यारोपण अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण, ट्रांसप्लांट समन्वयकों की नियुक्ति, मृत अंगदाताओं के अंतिम संस्कार में सहायता, अंगों के सुरक्षित परिवहन, सफल प्रत्यारोपण तथा स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे कार्यों को सहयोग दिया जा रहा है।
राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय आरोग्य निधि के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को अंग प्रत्यारोपण के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे जरूरतमंद लोगों को जीवनरक्षक उपचार सुलभ हो सके।
उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में अंगदान का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रतिज्ञा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकती है। उन्होंने सुरक्षित अंग परिवहन व्यवस्था और जन-जागरूकता को और मजबूत बनाने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर अनुप्रिया पटेल ने ‘जुग-जुग जियो’ अभियान का शुभारंभ किया। यह एक वर्ष तक चलने वाला राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य अंगदाताओं और उनके परिवारों के योगदान का सम्मान करना तथा समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘ई-प्रत्यारोपण’ नामक भारत के अत्याधुनिक राष्ट्रीय डिजिटल मंच का भी शुभारंभ किया। यह नई प्रणाली अंग एवं ऊतक दान तथा प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समन्वित और प्रभावी बनाएगी तथा देश में अंगदान व्यवस्था को और सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
