Last Updated on April 21, 2026 12:05 am by INDIAN AWAAZ

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भारत और दक्षिण कोरिया ने आज खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों, लघु और मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग और औद्योगिक सहयोग समिति की स्थापना के लिए  समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते और भारत-कोरिया डिजिटल सेतु के ढांचे को उन्नत बनाने संबंधी वार्ता फिर से शुरू करने पर संयुक्त घोषणापत्र का भी आदान-प्रदान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच आज नई दिल्ली में बातचीत के बाद ये समझौते किए गए।

प्रेस वक्‍तव्‍य में, श्री मोदी ने कहा कि वैश्विक तनाव के इस दौर में, भारत और कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि साझा प्रयासों के माध्यम से, भारत और कोरिया एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में योगदान देना जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज, दोनों राष्ट्र अगले दशक की सफलता की कहानियों की नींव रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ए आई , सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी में साझेदारी को और मजबूत करने के लिए, भारत-कोरिया डिजिटल सेतु की शुरुआत की जा रही है। श्री मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया भरोसेमंद साझेदारी को भविष्योन्मुखी साझेदारी में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष चिप्स से लेकर जहाजों तक, प्रतिभा से लेकर प्रौद्योगिकी तक, और मनोरंजन से लेकर ऊर्जा तक, हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे। प्रधानमंत्री ने कोरिया के अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा आठ वर्षों के बाद हो रही है और इसका विशेष महत्व है। श्री मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के शासन के प्रति सम्मान दोनों देशों के डीएनए में समाहित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र के संबंध में भी एक समान दृष्टिकोण रखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया के सांस्कृतिक संबंध हजारों वर्षों पुराने हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की दो हजार साल पुरानी कहानी हमारी साझा विरासत का हिस्सा है। श्री मोदी ने कहा कि आज भारत में के-पॉप और के-ड्रामा बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति को पहचान मिल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और आज दोनों देशों ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने अपने बयान में कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण में एक अग्रणी देश के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, ए आई और जहाज निर्माण के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करेंगे। श्री ली ने कहा कि उन्होंने और श्री मोदी ने मध्य पूर्व में घटित हालिया घटनाओं पर विचार-विमर्श किया और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि मध्य पूर्व में स्थिरता और शांति बहाल करना वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के इस दौर में, भारत और कोरिया आपसी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक सहयोग हेतु सबसे आदर्श साझेदार हो सकते हैं।

भारत-कोरिया के बीच फिनटेक और निवेश सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

भारत-कोरिया के बीच फिनटेक और निवेश सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने आज नई दिल्ली में कोरियाई वित्तीय सेवा आयोग के अध्यक्ष ली ओग-वेओन से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि दोनों देशों के बीच सहयोग और ज्ञान साझाकरण को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। इनमें फिनटेक नवाचार, डिजिटल भुगतान, निवेश, स्थानीय मुद्रा निपटान और गिफ्ट सिटी तथा अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण में व्यापार के अवसर शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने स्टार्टअप और द्विपक्षीय निवेश के क्षेत्रों में अधिक सहयोग के तरीकों की पहचान करने पर विचार-विमर्श किया, जिसमें भारत के राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष के माध्यम से किए गए प्रयास भी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण और कोरिया के वित्तीय सेवा आयोग ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य नियामक सहयोग को मजबूत करना और दोनों देशों में वित्तीय सेवाओं के पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को आगे बढ़ाना है। यह समझौता ज्ञापन नई दिल्ली में आयोजित कोरिया-भारत वित्तीय सहयोग मंच में हस्ताक्षरित और साझा किया गया, जो कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्योंग की भारत यात्रा के दौरान आयोजित किया गया था।