Last Updated on November 18, 2022 11:01 pm by INDIAN AWAAZ

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गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवादियों द्वारा प्रचार और क्रिप्टोकरेंसी जैसी आभासी मुद्राओं के उपयोग से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी कट्टरपंथी सामग्री के प्रसार करने और अपनी पहचान छिपाने के लिए डार्क नेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। गृह मंत्री ने आज नई दिल्ली में आतंकवादियों को धन मुहैया कराने की समस्या से निपटने के बारे में मंत्रिस्तरीय सम्मेलन – आतंक के लिए धन नहीं और आतंकवाद में वैश्विक रुझान’ पर एक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इन डार्क नेट गतिविधियों के तौर-तरीकों को समझने और उनके समाधान खोजने की आवश्यकता है।
गृह मंत्री ने कहा कि किसी आतंकवादी को संरक्षण देना आतंकवाद को बढ़ावा देने के समान है। उन्होंने कहा कि कुछ देश आतंकवादियों को बचाने और पनाह देने की कोशिश करते हैं। श्री शाह ने कहा कि ऐसे देश हैं जो आतंकवाद से लड़ने के सामूहिक संकल्प को कमजोर करना चाहते हैं या यहां तक कि इसमें बाधा डालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाहों या उनके संसाधनों को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें प्रायोजित तथा समर्थन करने वाले ऐसे तत्वों की दोगली बातें सामने लाई जानी चाहिएं।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत ने आतंक के वित्तपोषण के स्रोतों को प्रतिबंधित करने के लिए कई उपाय किए हैं। श्री शाह ने कहा कि लगातार प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में देश में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई है।
