Last Updated on July 9, 2025 11:46 am by INDIAN AWAAZ
इंद्र वशिष्ठ / नई दिल्ली
एनआईए ने आतंकियों की मदद करने वाले बेंगलुरु की केंद्रीय जेल के मनोचिकित्सक डॉ. नागराज, सिटी आर्म्ड रिजर्व पुलिस के एएसआई चान पाशा और एक फरार आरोपी की मां अनीस फातिमा को गिरफ्तार किया गया।
एनआईए ने मंगलवार को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के जेल कट्टरपंथीकरण मामले में कर्नाटक के दो जिलों में व्यापक तलाशी के बाद इन तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
डाक्टर नागराज, बेंगलुरु के केंद्रीय जेल में आतंकी मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तदियांदवीद नसीर उर्फ टी नसीर सहित जेल के कैदियों के इस्तेमाल के लिए मोबाइल फोन पहुंचाता था। इस गतिविधि में नागराज को पवित्रा नामक एक व्यक्ति ने सहयोग दिया था। नागराज और पवित्रा के घरों के अलावा, एनआईए ने भगोड़े जुनैद अहमद की मां अनीस फातिमा के घर की भी तलाशी ली, जो नसीर से अपने बेटे को धन जुटाने और जेल में टी नसीर को सौंपने के निर्देश देने में शामिल थी।
एनआईए की जांच के अनुसार, एएसआई चान पाशा 2022 में पैसे के बदले में टी नसीर को जेल से विभिन्न अदालतों तक पहुंचाने से संबंधित जानकारी देने में शामिल था।
यह मामला उन आदतन अपराधियों से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और डिजिटल डिवाइस, दो वॉकी-टॉकी की बरामदगी से संबंधित है, जो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के नापाक एजेंडे को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बेंगलुरु शहर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।
एनआईए ने पहले ही इस मामले में भगोड़े जुनैद अहमद सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। भगोड़े को पकड़ने के लिए जांच और प्रयास जारी हैं।
