Last Updated on September 30, 2026 1:11 am by INDIAN AWAAZ

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन और ईरान-खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्षों के कारण आने वाले महीनों में खाद्य संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि अनाज और उर्वरकों की आपूर्ति में व्यवधान से ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं पर गंभीर दबाव बढ़ रहा है।
एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि प्रमुख अनाज निर्यातक देशों से होने वाली आपूर्ति, खासकर काला सागर के रास्ते होने वाले अनाज परिवहन में रुकावट, वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता बन रही है। उर्वरकों की कमी इस चुनौती को और गंभीर कर सकती है।
विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से ही “बहुत तंग” स्थिति में है। तेल आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने ऊर्जा कीमतों पर दबाव और बढ़ा दिया है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और रूस के कई प्रमुख उर्वरक उत्पादक भी मौजूदा संघर्षों से प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियां कृषि उत्पादन को और नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और वित्तीय क्षेत्र पर एक साथ बढ़ रहा दबाव विकासशील देशों के लिए “बहुत-बहुत तनावपूर्ण” स्थिति पैदा कर रहा है।
जयशंकर ने देशों को आगाह किया कि उन्हें केवल अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ऐसे फैसले नहीं लेने चाहिए, जिनसे कमजोर देशों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ें। उन्होंने कहा कि इस तरह का दबाव ग्लोबल साउथ में अस्थिरता को बढ़ा सकता है और कुछ देशों के लिए अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना भी मुश्किल हो सकता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों के आर्थिक प्रभाव से प्रभावित देशों की बुनियादी जरूरतों और आर्थिक सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
