हमारे व्यावसायिक संवाददाता द्वारा

भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। शुरुआती कारोबार में मिली बढ़त को गंवाते हुए दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों के कारण निवेशकों ने सतर्कता का रुख अपनाया, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और सेंसेक्स फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स की साप्ताहिक एक्सपायरी के कारण बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव बना रहा। एक समय निफ्टी 23,327.45 के इंट्रा-डे हाई (उच्चतम स्तर) पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसने अपनी पूरी बढ़त गंवा दी और 23,200 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 23,161.60 पर बंद हुआ, जो कि 53.35 अंक (0.23%) की गिरावट है।

इसी तरह, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स भी शुरुआती तेजी को बरकरार नहीं रख सका और 150.63 अंक या 0.20% गिरकर 73,832.55 के स्तर पर बंद हुआ।


वैश्विक संकट: अमेरिकी महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव

भारतीय बाजारों में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी बाजारों में आई भारी गिरावट रही। मई 2026 में अमेरिका की वार्षिक उपभोक्ता महंगाई दर बढ़कर 4.2% हो गई, जो अप्रैल में 3.8% थी। यह अप्रैल 2023 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। महंगाई में इस उछाल का मुख्य कारण ऊर्जा (Energy) की कीमतों में आया 23.5% का भारी उछाल है। इसके अलावा, कोर इन्फ्लेशन (मुख्य मुद्रास्फीति) भी मामूली बढ़कर 2.9% पर पहुंच गई है।

दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव बढ़ने से भू-राजनीतिक मोर्चे पर चिंताएं और गहरी हो गई हैं। अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर नए हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को बंद करने की घोषणा की है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी आई, हालांकि बाद में मुनाफावसूली के चलते जुलाई 2026 निपटान के लिए ब्रेंट क्रूड 1.18% गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बाद बुधवार को वॉल स्ट्रीट के सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जहां डाउ जोंस 1.87% और नैस्डैक 1.98% टूटकर बंद हुए थे। अब दुनिया भर के निवेशकों की नजर आने वाले अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों पर टिकी है।


बाजार का रुख और व्यापक आंकड़े

गुरुवार के कारोबार में लार्ज-कैप सूचकांकों की तुलना में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में अधिक बिकवाली देखी गई। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स में 0.83% और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.72% की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार का समग्र रुझान (Market Breadth) काफी कमजोर रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कुल 2,807 शेयरों के भाव में गिरावट आई, जबकि केवल 1,384 शेयर ही बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे। 214 शेयरों के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

प्रमुख आर्थिक संकेतक (एक नजर में)

संकेतकबंद भाव / वर्तमान स्तरबदलाव
भारत 10-वर्षीय बेंचमार्क यील्ड6.908%0.07% की गिरावट (पिछले बंद 6.913% से)
यूएस डॉलर / भारतीय रुपया (USD/INR)95.7900रुपया कमजोर हुआ (पिछले बंद 95.2500 से)
यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY)100.130.20% की बढ़त
अमरीकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड4.525%0.35% की गिरावट
MCX गोल्ड फ्यूचर्स (5 अगस्त 2026)Rs 147,5730.34% की गिरावट

विदेशी मुद्रा बाजार में, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और मजबूत होते डॉलर इंडेक्स के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.7900 के स्तर पर पहुंच गया।


सेक्टोरल प्रदर्शन और सुर्खियों में रहने वाले शेयर

सेक्टर्स की बात करें तो आईटी, केमिकल्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई, जबकि फार्मा और चुनिंदा प्राइवेट बैंकिंग शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा देने का प्रयास किया।

निफ्टी आईटी इंडेक्स लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 1.62% टूटकर 27,821 पर बंद हुआ। पिछले सात दिनों में इस इंडेक्स में 10.59% की भारी गिरावट आ चुकी है। आईटी दिग्गजों में इन्फोसिस 2.25%, एलटीइमाइंडट्री 2.59%, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज (OFSS) 1.87% और एचसीएल टेक्नोलॉजीज 1.61% गिरकर बंद हुए। इनके अलावा बजाज फाइनेंस (1.37% डाउन) और लार्सन एंड टुब्रो (1.17% डाउन) ने भी सूचकांक को नीचे खींचने का काम किया।

कॉरपोरेट जगत की बड़ी खबरें

  • एमटीएआर टेक्नोलॉजीज (MTAR Technologies): इस शेयर में 10.99% की भारी गिरावट आई। खबरें हैं कि अमेरिकी डेटा सेंटर डेवलपर क्रूसो ने वायोमिंग में अपने 1.8 GW के एआई डेटा सेंटर प्रोजेक्ट (“प्रोजेक्ट जेड”) पर काम रोक दिया है। इस प्रोजेक्ट में ब्लूम एनर्जी के फ्यूल सेल सिस्टम का इस्तेमाल होना था, जो एमटीएआर की प्रमुख ग्राहक है। काम रुकने से कंपनी के भविष्य के ऑर्डर्स पर असर पड़ने की आशंका है।
  • पीपीएपी ऑटोमोटिव (PPAP Automotive): सकारात्मक खबर के दम पर इस शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा। कंपनी ने भारत में पैसेंजर वाहनों के लिए उन्नत बॉडी सीलिंग सिस्टम बनाने के लिए वैश्विक कंपनी हचिंसन (Hutchinson) के साथ तकनीकी साझेदारी की घोषणा की है।
  • ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL): ज़ी के शेयरों में 8.52% का उछाल देखा गया। कंपनी के बोर्ड ने अपनी रणनीतिक और व्यावसायिक योजनाओं को पूरा करने के लिए विभिन्न चरणों में कम से कम 2,300 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
  • वैस्कॉन इंजीनियर्स और 3i इन्फोटेक: केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) से 347.43 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद वैस्कॉन इंजीनियर्स का शेयर 5% चढ़ गया। वहीं, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) से 37.05 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिलने से 3i इन्फोटेक के शेयर में 4.02% की तेजी आई।
  • इज़मो (IZMO) और टाइम टेक्नोप्लास्ट: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश की पहली एकीकृत सिलिकॉन फोटोनिक्स पैकेजिंग लाइन शुरू करने के बावजूद इज़मो का शेयर 1.20% गिर गया। वहीं, टाइम टेक्नोप्लास्ट ने सिस्टोवर्स में 1.52 करोड़ रुपये में 76% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया, लेकिन इसका शेयर 3.01% टूटकर बंद हुआ।

वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर की मजबूती को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों में रक्षात्मक (Defensive) रुख बना रह सकता है।