Last Updated on September 24, 2025 5:37 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / WEB DESK
लेह बुधवार को उग्र विरोध प्रदर्शनों से थर्रा उठा जब हजारों युवाओं ने राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के अंतर्गत संवैधानिक संरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर बंद का समर्थन किया। शांतिपूर्ण रैली अचानक हिंसक हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और भाजपा कार्यालय व सीआरपीएफ के वाहन में आग लगा दी। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। झड़पों में 70 से अधिक लोग घायल हुए, जबकि कम से कम चार मौतों की खबरें भी सामने आईं, हालांकि प्रशासनिक पुष्टि अभी बाकी है।
यह आंदोलन 10 सितंबर से जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और लेह एपेक्स बॉडी के युवा प्रकोष्ठ द्वारा शुरू किए गए अनशन का हिस्सा है। मंगलवार को दो अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के बाद माहौल और गरमा गया।
वांगचुक ने बुधवार को अपना अनशन खत्म करते हुए शांति की अपील की और युवाओं से हिंसा से दूर रहने का आग्रह किया। इस बीच, लेह प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भरतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धारा 163 लागू कर दी है।
केंद्र ने लेह एपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ 6 अक्टूबर को नई वार्ता तय की है। तब तक लद्दाख अशांत लेकिन अपने अधिकारों को लेकर दृढ़ बना हुआ है।
